Edited By Urmila,Updated: 12 Apr, 2026 09:36 AM

घरेलू कलह की आग ने हंसते-खेलते एक परिवार को उजाड़ कर रख दिया है। लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ते हुए 36 वर्षीय प्रदीप कुमार ने आखिरकार दम तोड़ दिया।
लुधियाना (राज): घरेलू कलह की आग ने हंसते-खेलते एक परिवार को उजाड़ कर रख दिया है। लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ते हुए 36 वर्षीय प्रदीप कुमार ने आखिरकार दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृतक की मां के बयानों के आधार पर आरोपी पत्नी मोनिका, आकाश, अमन।और हनी शर्मा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
शिकायतकर्ता सीमा रानी ने बताया कि उनके बड़े बेटे प्रदीप कुमार का विवाह करीब 10 साल पहले 26 अगस्त 2016 को मोनिका के साथ हुआ था। उनके तीन बच्चे है। 8 अप्रैल की सुबह करीब 8 बजे घर में मामूली बात पर शुरू हुई तकरार ने इतना बड़ा रूप ले लिया कि मोनिका गुस्से में अपने मायके चली गई। मां का आरोप है कि इसके बाद ससुराल पक्ष के दोषियों ने प्रदीप के साथ फोन पर जमकर गाली-गलौज की और उसे मानसिक रूप से इस कदर तोड़ दिया कि उसने आत्मघाती कदम उठाने का फैसला कर लिया। अपमान और मानसिक प्रताड़ना से टूट चुके प्रदीप ने कोई जहरीली चीज निगल ली। उसे नाजुक हालत में लुधियाना के डीएमसी अस्पताल भर्ती करवाया गया था, जहां डॉक्टरों की लाख कोशिशों के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका।
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