Edited By Vatika,Updated: 20 Jul, 2026 12:45 PM

एकतरफ जहां बी.एस.एफ. सहित केन्द्र व राज्य सरकार की सुरक्षा एजैंसियों जिसमें ए.एन.टी.एफ., सी.आई., एस.एस.ओ.सी
अमृतसर (नीरज): एकतरफ जहां बी.एस.एफ. सहित केन्द्र व राज्य सरकार की सुरक्षा एजैंसियों जिसमें ए.एन.टी.एफ., सी.आई., एस.एस.ओ.सी., सिटी व देहाती पुलिस की तरफ से नशा तस्करी रोकने के लिए बड़ा अभियान चलाया जा रहा है और अभी तक अमृतसर जिले में ही पांच हजार से ज्यादा तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है तो वहीं भारत-पाकिस्तान बार्डर पर हैरोइन तस्करी के आंकड़ें कुछ और ही बयान कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार पिछले 6 महीनों के दौरान बी.एस.एफ. की तरफ से 600 किलो हैरोइन जब्त की जा चुकी है जो अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी मानी जा रही है अभी वर्ष पूरा होने में छह महीने बाकि हैं। वर्ष 2025 पर नजर डालें तो पता चलता है कि पिछले वर्ष 2025 में 12 महीनों के दौरान 428 किलो हैरोइन पकड़ी गई थी जबकि वर्ष 2024 में 12 महीनों के दौरान 283 किलो हैरोइन को जब्त किया गया था और वर्ष 2025 में अगले पिछले सभी रिकार्ड टूट गए थे लेकिन मौजूदा वर्ष में पिछला रिकार्ड तो टूट ही चुका है वहीं एक ऐसा नया रिकार्ड बनने वाला है जो कभी नहीं टूट सकेगा।
सीमावर्ती गांवों में दिन दिहाड़े नजर आ रहे ड्रोन
बार्डर के कुछ बदनाम सीमावर्ती गांवों में तो ऐसा माहौल बन चुका है कि दिन के समय ही आसमान में ड्रोन उड़ते नजर आ रहे हैं। गत-दिवस सूचना के आधार पर गांव मोदे के शमशानघाट में ट्रैप लगाकर बैठी डीआरआई की टीम ने दोपहर के समय में ड्रोन की मूवमेंट देखी और ड्रोन से फैंकी पिस्टलें जब्त कर ली। पुलकंजरी में बीएसएफ की पोस्ट से बिल्कुल नजदीक ही ड्रोन की मूवमेंट देखी गई जिसमें बी.एस.एफ. की तरफ से एक तस्कर को हैरोइन की खेप के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। तस्करों की तरफ से मिनी ड्रोन्स का प्रयोग किया जा रहा था क्योंकि जब ए.डी.एस. सिस्टम के राडार में आने से ड्रोन गिर जाता है तो इससे कम नुकसान होता है लेकिन मिनी ड्रोन्स सिर्फ आधा किलो खेप लेजाने में सक्षम हैं लेकिन जिस प्रकार से बीएसएफ की तरफ से पिछले महीनों के दौरान गांव डल्लेके व अन्य इलाकों में 18 किलो व 12 किलो हैरोइन की बड़ी खेप पकड़ी गई तो यह साबित हो गया कि तस्कर बड़े हैगजाकाप्टर ड्रोन भी उड़ा रहे हैं जो 15 किलो या इससे भी ज्यादा वजन उठाने में सक्षम हैं।
ड्रोन पर की जा चुकी है वर्कशाप फिर भी बेकाबू
मिडल ईस्ट जंग में जिस प्रकार से ईरान के शाहिद ड्रोन अमेरिका, ईजरायल व खाड़ी देशों के लिए सिरदर्द नजर आए उसको देखकर केन्द्र सरकार भी ड्रोन के मामले में काफी गंभीर नजर आ रही है हाल ही में बी.एस.एफ. अमृतसर सैक्टर की तरफ से ड्रोन के विषय पर वर्कशाप आयोजित की गई थी जिसमें पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव सहित, सेना, एन.सी.बी., डी.आर.आई. व पुलिस की अन्य एजैंसियों के उच्चाधिकारी शामिल हुए ड्रोन से संबंधित आने वाली चुनौतियों से कैसे निपटा जाए इस पर गंभीरता के साथ विचार चर्चा किया गया लेकिन इसके बावजूद ड्रोन बेकाबू नजर आ रहा है।
16 से 25 वर्ष के युवाओं को शिकार बना रहे तस्कर
पिछले तीन महीनों के दौरान बी.एस.एफ. की तरफ से ए.एन.टी.एफ., एन.सी.बी. व अन्य एजैंसियों के साथ मिलकर जितने भी ज्वाइंट आप्रेशन किए गए उसमें सामने आया कि विदेशों व भारत में सरगर्म तस्कर 16 से 25 वर्ष के बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बना रहे हैं और खास तौर पर सीमावर्ती गांवों में रहने वाले युवा तस्करों के जाल में फंस रहे हैं क्योंकि रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध ना होने के कारण कई युवा ना चाहते हुए भी तस्करों के जाल में फंस जाते हैं।
कई गुना बढ़ी हथियारों की आमद
हैरोइन के साथ साथ ड्रोन्स के जरिए भारी मात्रा में हथियारों की आमद भी हो रही है वर्ष 2025 के दौरान 203 हथियार जिनमें ऐके-47 से लेकर अत्याधुनिक पिस्टल जिसमें जिगाना, 9 एम.एम., ग्लाक आदि शामिल रहे जबकि इससे कई गुना ज्यादा कारतूस जब्त किए गए आंकड़ों के अनुसार 3643 कारतूस जब्त किए गए और 12 हैंड ग्रेनेडस व 12 डैटोनेटर के साथ 11 किलो के लगभग हाई एक्सपलोसिव सामान जब्त किया गया जिसको पंजाब में अशांति फैलाने व गैंगवार में प्रयोग किया जाना था। इस वर्ष भी छह महीनों में ही 155 ड्रोन, 168 पिस्टल, ऐके-47 व अन्य हथियार, 1355 कारतूस, दो ग्रेनेड व 177 भारतीय तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि पिछले वर्ष गिरफ्तार किए गए तस्करों की संख्या 161 थी।