पूर्व विधायक पिंकी व कारोबारी वी.पी. सिंह मामला, बाप-बेटा बेगुनाह और निर्दोष करार

Edited By Urmila,Updated: 27 May, 2022 10:09 AM

former mla pinky and businessman vp singh case

फिरोजपुर अर्बन के पूर्व कांग्रेसी विधायक परमिंद्र सिंह पिंकी और उसके साले बिट्टू सांघा की ओर से दलजीत सिंह पुत्र कुलदीप सिंह वासी ...

जालंधर: फिरोजपुर अर्बन के पूर्व कांग्रेसी विधायक परमिंद्र सिंह पिंकी और उसके साले बिट्टू सांघा की ओर से दलजीत सिंह पुत्र कुलदीप सिंह वासी दुलचीके (फिरोजपुर) द्वारा रेलवे भर्ती घोटाले को लेकर पंजाब के प्रसिद्ध कारोबारी वी.पी. सिंह पुत्र अमरीक सिंह और उसके बेटे कर्णपाल सिंह वासी पायनियर कालोनी मोगा रोड फिरोजपुर के खिलाफ थाना कुलगढ़ी में 420, 465, 467, 468 और 471 आई.पी.सी. के तहत 28 जुलाई, 2021 को दर्ज करवाए गए मुकद्दमा नंबर 82 में भी पुलिस ने जांच में वी.पी. सिंह और कर्णपाल सिंह को निर्दोष पाया है और उसके बाद अदालत द्वारा भी दोनों बाप-बेटों को बेगुनाह और निर्दोष करार दिया गया है।

इस केस के मुद्दई दलजीत सिंह ने फिरोजपुर में आयोजित की गई नैशनल लोक अदालत में पेश होकर 12 मार्च को जज के सामने अपना बयान दर्ज करवाते हुए कहा कि उसके बयानों पर थाना कुलगढ़ी में वी.पी. सिंह और कर्णपाल सिंह के खिलाफ दर्ज किए गए मुकद्दमा नंबर 82 को रद्द करने संबंधी पुलिस द्वारा जांच के उपरांत दी गई रिपोर्ट से वह सहमत है और इस मुकद्दमे को रद्द करने पर उसे कोई आपत्ति नहीं है और वह इस मुकद्दमे को आगे चलाना नहीं चाहता।

बताने योग्य है कि दलजीत सिंह मुद्दई ने पुलिस को दी दर्खास्त में यह आरोप लगाया था कि वी.पी. सिंह और उसके बेटे ने उससे रेलवे में भर्ती करवाने का झांसा देकर 13 लाख 65 हजार रुपए लिए थे और छिंदर सिंह, मंगल सिंह तथा बोहड़ सिंह ने भी रेलवे भर्ती के नाम पर उसके सामने बाप-बेटे को पैसे दिए थे। इस मुकद्दमे की जांच के लिए एस.एस.पी. फिरोजपुर की ओर से सिट का गठन किया गया जिसके चेयरमैन एस.पी. इन्वेस्टीगेशन को बनाया गया और डी.एस.पी. (पी.बी.आई.), डी.एस.पी. सब डिवीजन देहाती फिरोजपुर और एस.एच.ओ. थाना कुलगढ़ी को बतौर मैंबर शामिल किया गया।
 
सिट की ओर से इस केस की जांच शुरू की गई और जांच पूरी होने पर सिट द्वारा एस.एस.पी. फिरोजपुर को अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए बताया गया कि वी.पी. सिंह और कर्णपाल सिंह के खिलाफ रेलवे भर्ती घोटाले को लेकर लगाए गए सभी आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं। इस केस के मुद्दई दलजीत सिंह उर्फ जीतू ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सिविल रिट पटीशन नंबर 2312 ऑफ 2022 डाली जिसमें उसने लिखा है कि उस समय के कांग्रेसी विधायक परमिंद्र सिंह पिंकी और उनके साले बिट्टू सांघा ने उस पर दबाव बनाकर वी.पी. सिंह और कर्णपाल सिंह के खिलाफ यह झूठा मुकद्दमा दर्ज करवाया था जबकि वी.पी. सिंह और उनके बेटे कर्णपाल का रेलवे भर्ती से कोई संबंध नहीं है और न तो उसके सामने रेलवे में भर्ती होने के लिए किसी ने वी.पी. सिंह या कर्णपाल को कोई पैसे दिए और न ही उसने खुद की भर्ती के लिए वी.पी. या कर्णपाल को कोई पैसे दिए।

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