Edited By Kalash,Updated: 23 Jul, 2026 12:33 PM

पंजाब सरकार द्वारा लागू किए गए ईजी रजिस्ट्री सिस्टम में लगातार किए जा रहे तकनीकी बदलाव के कारण रजिस्ट्री का काम प्रभावित होने का सिललिसा जारी है।
जालंधर (चोपड़ा): पंजाब सरकार द्वारा लागू किए गए ईजी रजिस्ट्री सिस्टम में लगातार किए जा रहे तकनीकी बदलाव के कारण रजिस्ट्री का काम प्रभावित होने का सिललिसा जारी है। गत दिन भी ओ.टी.पी. (वन टाइम पासवर्ड) से जुड़ी समस्या के कारण जालंधर के सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में करीब 2 घंटे तक रजिस्ट्रेशन कार्य प्रभावित रहा। सिस्टम में लॉगिन न हो पाने के कारण न केवल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बाधित हुई, बल्कि ऑनलाइन टोकन जारी करने का काम भी ठप्प हो गया, जिससे सैंकड़ों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार ईजी रजिस्ट्री सिस्टम में हाल ही में किए गए बदलावों के बाद सब-रजिस्ट्रार और ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार के पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर ओ.टी.पी. प्राप्त नहीं हो रहे थे। इसके चलते अधिकारी सिस्टम में लॉगिन नहीं कर सके और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया प्रभावित हो गई। तकनीकी समस्या का असर हैल्प डैस्क पर भी पड़ा, जहां ऑनलाइन टोकन जारी करने का कार्य रुक गया। सुबह निर्धारित समय पर अप्वाइंटमैंट लेकर पहुंचे लोगों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ा और कई लोगों को घंटों बाद भी अपना काम पूरा नहीं होने की चिंता बनी रही।
सब-रजिस्ट्रार-1 कार्यालय में 130 ऑनलाइन अप्वाइंटमैंट बुक थीं, लेकिन तकनीकी बाधा के कारण देर शाम तक केवल 111 दस्तावेजों का ही रजिस्ट्रेशन हो सका। वहीं, सब-रजिस्ट्रार-2 कार्यालय में 80 अप्वाइंटमैंट में से केवल 66 दस्तावेजों को ही ऑनलाइन स्वीकृति मिल पाई।
तकनीकी बाधा दूर होने के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों ने देर शाम तक कार्यालय में रुककर लंबित मामलों का निपटारा किया। सब-रजिस्ट्रार-1 गुरप्रीत सिंह तथा सब-रजिस्ट्रार-2 में तैनात ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार रवनीत कौर और गुरसिमरन सिंह ने स्टाफ के साथ अतिरिक्त समय तक काम कर अधिक से अधिक लंबित रजिस्ट्रियों का निपटारा किया।
सूत्रों के अनुसार, नए ओ.टी.पी. सिस्टम में पहले लॉगिन की वैधता 10 मिनट थी, जिसे बढ़ाकर 30-35 मिनट किया जा रहा है। इसी अपग्रेडेशन के दौरान सिस्टम धीमा पड़ गया और ओ.टी.पी. संबंधी दिक्कतें सामने आईं। यह समस्या केवल जालंधर तक सीमित नहीं रही, बल्कि राज्य की कई तहसीलों और सब-तहसीलों में भी ईजी रजिस्ट्री का काम प्रभावित हुआ।

हालांकि विभाग का उद्देश्य रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाना है, लेकिन बार-बार आने वाली तकनीकी समस्याओं, सर्वर की धीमी गति और ओ.टी.पी. में देरी के कारण आम लोगों और विभागीय कर्मचारियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार की घटना ने एक बार फिर ईजी रजिस्ट्री सिस्टम की तकनीकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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