Edited By Subhash Kapoor,Updated: 26 Apr, 2026 09:59 PM

पंजाब की राजनीति में कांग्रेस ने बड़ा दांव चलते हुए अपने एससी (अनुसूचित जाति) वर्ग को साधने की कोशिश तेज कर दी है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी द्वारा पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के एससी विभाग के लिए नई राज्य सलाहकार परिषद का गठन किया गया है, जिसमें कई...
पंजाब डैस्क : पंजाब की राजनीति में कांग्रेस ने बड़ा दांव चलते हुए अपने एससी (अनुसूचित जाति) वर्ग को साधने की कोशिश तेज कर दी है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी द्वारा पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के एससी विभाग के लिए नई राज्य सलाहकार परिषद का गठन किया गया है, जिसमें कई नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
इस नई टीम में गुरप्रीत सिंह लक्की पखोके को कन्वीनर की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि कई अनुभवी और चर्चित नेताओं को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। सूची में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, डॉ. अमर सिंह, शेर सिंह घुबाया, अरुणा चौधरी और बलविंदर सिंह धालीवाल जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं। इसके अलावा सुखविंदर सिंह कोटली, विक्रमजीत सिंह चौधरी, अजीब सिंह भाटी, राज कुमार वेरका और साधु सिंह धर्मसोत को भी इस काउंसिल में जगह दी गई है। अन्य सदस्यों में तरसेम सिंह डीसी, कुलदीप सिंह वैद, सुखविंदर सिंह डैनी, पवन कुमार अडिया, गुमनी गोमर और चौधरी सुरिंदर सिंह के नाम भी शामिल हैं।
इस नई टीम में चरणजीत सिंह चन्नी जैसे बड़े दलित चेहरे की मौजूदगी साफ संकेत देती है कि पार्टी आगामी चुनावों से पहले अपने पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत करना चाहती है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस की यह नई टीम जमीनी स्तर पर कितना असर दिखा पाती है और क्या यह कदम पार्टी को पंजाब की सियासत में फिर से मजबूत स्थिति में ला पाएगा या नहीं।