Edited By Kamini,Updated: 06 Jan, 2026 05:13 PM

जानलेवा और जहरीली शराब को रोकने के लिए आबकारी विभाग द्वारा निरंतर प्रयास जारी हैं।
अमृतसर (इन्द्रजीत): जानलेवा और जहरीली शराब को रोकने के लिए आबकारी विभाग द्वारा निरंतर प्रयास जारी हैं। पिछले महीनों में अवैध शराब को रोकने के लिए अमृतसर देहाती के अंतर्गत आते क्षेत्रों में सैकड़ों गांवों में अवेयरनेस कैंप लगाए जा चुके हैं, वहीं हर प्रकार के लोगों की मदद ली गई है, जो अवैध शराब को रोकने के पक्षधर हैं। यह कार्रवाई सहायक कमिश्नर आबकारी दिलबाग सिंह चीमा व जिला आबकारी अधिकारी ललित कुमार के निर्देशों पर की जा रही है। इसके लिए फील्ड में इंस्पैक्टर परमिंदर की कमान में आबकारी विभाग की टीमों को भेजा गया है।
इसी कड़ी में आज एक सतर्कता अभियान के बीच आबकारी विभाग द्वारा वाहनों पर स्पीकर लगाकर मुनादी करवाई जा रही है कि आम जनता अवैध शराब को रोकने के लिए तस्करों की विरुद्ध विभाग को सहयोग दें। इस प्रकार आम जनता को जानकारी दी जा रही है कि जहरीली शराब पीना जानलेवा हो सकता है। इसके साथ यह भी कहा जा रहा है कि यदि कोई व्यक्ति आम लोगों के समझाने के बावजूद अवैध शराब का धंधा नहीं छोड़ता तो विभाग को इससे संबंधित जानकारी दें। आज के पूरा दिन 20 के करीब गांवों में मुनादी कार्रवाई गई। इनमें मजीठा, मरड़ी, टरपई, करनौली,गालो-वाली, भंगवां, बुर्ज, रोड्डे शाह, भोमा-वडाला, नागकलां आदि गांवों के इलाकों में लाउड-स्पीकरों पर जनता को जागृत किया जा रहा है कि वह अपने परिवारों को अवैध शराब के खिलाफ सतर्क करें।
पिछले 9 महीने पहले मजीठा क्षेत्र में जा चुकी हैं, बड़ी संख्या में लोगों की जानें जहरीली शराब बेचने का धंधा कोई नया नहीं है, लंबे समय से चल रहा है। बीते वर्ष अब से 9 महीने पहले अप्रैल के महीने में अमृतसर देहाती के अंतर्गत आते मजीठा क्षेत्र में 40 के करीब लोगों की जानें चली गई थी और कई लोग बुरी तरह बीमार हो गए थे। इसके उपरांत आबकारी विभाग ने सहायक कमिश्नर आबकारी दिलबाग सिंह चीमा के निर्देशों में सैकड़ों गांवों के अंदर अवेयरनेस कैंप लगाए।
पेंट की दुकानों को भी किया गया है सतर्क!
आबकारी विभाग ने पिछले समय में खोज की थी कि जिस शराब से लोगों की मौत हुई थी उसमें सामान्य तौर पर घरों के अंदर पेंटिंग के मैटीरियल में प्रयोग किया जाने वाला मिथाइल अल्कोहल था । यह अल्कोहल जहरीला होता है और जानलेवा बन जाता है । एक्साइज विभाग द्वारा इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया गया था । इसमें जिला आबकारी अधिकारी रमन भगत और इंस्पेक्टर रमन कुमार शर्मा ने विशेष योजना के तहत जिला भर की लगभग सभी पेंट की दुकानों पर चेकिंग की और उन्हें सतर्क किया कि बिना पहचान किए किसी भी व्यक्ति को पेंटिंग में प्रयुक्त होने वाला द्रव्य ना दिया जाए।
बूट-लेगर्स पर भी की जा चुकी है कार्रवाई, जो अब भी जारी!
सहायक कमिश्नर चीमा के निर्देश पर आबकारी विभाग व पुलिस की टीमों ने 200 से अधिक बूट-लैगर्ज के ठिकानों पर छापे मारे और घरों की तलाशियां ली। आबकारी विभाग व पुलिस की भाषा में बूट-लैगर्ज शब्द उन व्यक्तियों अथवा परिवारों के लिए प्रयोग किया जाता है, जो बार-बार अवैध शराब के कारोबार में पकड़े जाने के बावजूद भी अपना ‘काम-धाम’ नहीं छोड़ते। हालांकि आबकारी विभाग की सख्ती के कारण बड़ी संख्या में पुराने तस्करों ने अपना काम छोड़ दिया था, लेकिन विभागीय टीमों ने इसके बावजूद भी बूट-लैगर्स का पीछा नहीं छोड़ा। उनके घरों की निरंतर तलाशियां होती रही हैं जो आज तक भी जारी हैं।
जनता के सहयोग से विभाग की कार्रवाई हो रही सफल : डी.एस चीमा
सहायक कमिश्नर आबकारी अमृतसर रेंज दिलबाग सिंह चीमा ने कहा है कि 9 महीने से चलाए गए अभियान के दौरान भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद करके नष्ट किया जा चुका है। इसी प्रकार बड़ी संख्या में शराब के पुराने धंधे बड़ों पर कार्रवाई भी की जा रही है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र से अवश्य शराब के काम करने वालों के विरुद्ध अब जनता जाग चुकी है, जिससे विभाग को सफलता मिल रही है। आने वाले समय में बचे-खुचे अवैध शराब के तस्करों को भी खदेड़ा जाएगा।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here