हाईकोर्ट ने गर्भवती महिलाओं को 'गर्भपात' की दी इजाजत, जाने क्या है पूरा मामला

Edited By Vatika,Updated: 11 Aug, 2020 01:46 PM

abortion is justified if pregnant fetus is malformed high court

अगर गर्भवत्ती महिला के भ्रूण में कोई विकृत्ति या घातक बीमारी है तो उसे गर्भपात करवाने का हक है। यह कहना है पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट

चंडीगढ़ (रमेश हांडा): अगर गर्भवत्ती महिला के भ्रूण में कोई विकृत्ति या घातक बीमारी है तो उसे गर्भपात करवाने का हक है। यह कहना है पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का, जोकि एक गर्भवती महिला की याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। कोर्ट ने महिला याचिकाकत्र्ता को कहा कि वह अपनी याचिका में संशोधन कर उसमें पंजाब, हरियाणा, केंद्र और चंडीगढ़ को प्रतिवादी बनाए। सुनवाई के दौरान पी.जी.आई. चंडीगढ़ द्वारा याची महिला की मैडीकलरिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई, जिसमें महिला के भ्रूण में विकृत्ति की पुष्टि की गई, जिसके बाद कोर्ट ने याचिकाकत्र्ता महिला को 5 दिन के भीतर पी.जी.आई. चंडीगढ़ में भर्ती होने को कहा है। कोर्ट ने पी.जी.आई. के डाक्टरों की एक टीम करने और महिला का सुरक्षित गर्भपात करने की हिदायत भी दी है।

28 नवम्बर तक स्थगित की सुनवाई
महिला ने भ्रूण के घातक रोग या विकृत्ति से ग्रसित होने के चलते पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में गर्भपात की गुहार लगाई थी। इससे पहले मामले में सुनवाई के वक्त प्रैग्नेंसी एक्ट का हवाला देते हुए कोर्ट ने भी कहा था कि एक्ट के तहत अगर किसी गर्भवती महिला का भ्रूण किसी घातक रोग या विकृत्ति से ग्रसित है तो 20 सप्ताह के भ्रूण का मैडीकल बोर्ड की इजाजत से गर्भपात किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने इस मामले में हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ व केंद्र से जवाब भी मांगा था। सोमवार को सभी प्रतिवादियों के वकीलों ने  हाईकोर्ट से इस मुददे पर जवाब देने के लिए कुछ समय देने की मांग की जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने मामले की सुनवाई 28 नवम्बर तक स्थगित कर दी है। 

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