लुधियाना रेलवे स्टेशन पर दिखेगी 'ब्रिटिश राज' की झलक: 80 साल पुराना रोड रोलर बनेगा आकर्षण का केंद्र

Edited By Vatika,Updated: 21 Apr, 2026 09:25 AM

a glimpse of the  british raj  will be seen at ludhiana railway station

अगर आप आने वाले दिनों में लुधियाना रेलवे स्टेशन पर कदम रखेंगे, तो आपको समय के पहिए

लुधियाना(राज): अगर आप आने वाले दिनों में लुधियाना रेलवे स्टेशन पर कदम रखेंगे, तो आपको समय के पहिए पीछे घूमते हुए नजर आएंगे। वर्ल्ड हेरिटेज डे के उपलक्ष्य में फिरोजपुर रेल मंडल ने एक अनूठी पहल करते हुए शहर के औद्योगिक इतिहास को आम जनता के रूबरू करने का फैसला किया है। इस प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण 80 साल पुराना एक विशालकाय रोड रोलर होगा, जो ब्रिटिश काल की इंजीनियरिंग का नायाब नमूना है।

17 से 23 अप्रैल तक मनाया जा रहा विरासत सप्ताह
रेलवे द्वारा 17 से 23 अप्रैल तक मनाए जा रहे इस विरासत सप्ताह के तहत लुधियाना स्टेशन पर प्रदर्शित यह डीजल चलित रोड रोलर साल 1945 में इंग्लैंड में बनाया गया था। आजादी से ठीक एक साल पहले, यानी 1946 में यह भारत पहुंचा और करीब चार दशकों तक रेल की पटरियों और सड़कों को संवारने में अपनी सेवाएं देता रहा। साल 1986 में रिटायर होने के बाद इसे सहेज कर रखा गया था, लेकिन आज 20 अप्रैल को इसे विशेष रोशनी से जगमगाकर सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए सजाया गया है। रेलवे अधिकारियों ने इस मशीन को चमकाने और स्टेशन परिसर को सुंदर बनाने के लिए दिन-रात मेहनत की है ताकि युवा पीढ़ी को रेलवे की समृद्ध विरासत से रूबरू कराया जा सके।

 फिरोजपुर मंडल के अन्य प्रमुख स्टेशनों हैं इसकी धूम 
हेरिटेज वीक का यह जश्न सिर्फ लुधियाना तक ही सीमित नहीं है, बल्कि फिरोजपुर मंडल के अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी इसकी धूम देखने को मिल रही है। अमृतसर में हेरिटेज गैलरी को जनता के लिए खोल दिया गया है, जहां रेलवे के विकास की पूरी गाथा देखी जा सकती है। वहीं, फिरोजपुर में विरासत संरक्षण पर निबंध लेखन प्रतियोगिताओं के साथ-साथ पुराने रेल इंजनों का रखरखाव किया जा रहा है। साल 2026 की थीम 'संकट और आपदाओं के संदर्भ में जीवित विरासत' पर विशेष व्याख्यान भी आयोजित किए जा रहे हैं।रेलवे बोर्ड के निर्देशों पर मंडल के विभिन्न स्टेशनों की वास्तुकला को दर्शाने के लिए विशेष लाइटिंग का इंतजाम किया गया है। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य अपनी पुरानी संपत्तियों, चाहे वे कोच हों या इंजन, उन्हें सहेज कर रखना और लोगों में अपनी ऐतिहासिक वास्तुकला के प्रति जागरूकता फैलाना है। स्टेशन पर लगा यह पुराना रोड रोलर न केवल बुजुर्गों को बीते दौर की याद दिलाएगा, बल्कि बच्चों के लिए भी किसी अजूबे से कम नहीं होगा।
 

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