Edited By Vatika,Updated: 14 Apr, 2026 12:06 PM

शहर के राहों रोड स्थित एक घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में गैस सिलेंडरों
लुधियाना (गणेश/सचिन): शहर के राहों रोड स्थित एक घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में गैस सिलेंडरों से भरा ट्रक खड़ा किए जाने का मामला सामने आया है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी दहशत का माहौल है। आरोप है कि यह ट्रक एक गैस एजेंसी से संबंधित है और इसमें बड़ी संख्या में भारत गैस के एलपीजी सिलेंडर भरे हुए हैं। बताया जा रहा है कि ट्रक को इलाके के एक खाली प्लॉट में खड़ा किया गया है, जो आसपास रहने वाले लोगों के लिए बड़ा खतरा बन गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह रिहायशी क्षेत्र में सिलेंडरों से भरा ट्रक खड़ा करना सीधे तौर पर लोगों की जान से खिलवाड़ है।
‘टाइम बम’ जैसी स्थिति, कभी भी हो सकता है हादसा
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, ट्रक में बड़ी संख्या में ज्वलनशील एलपीजी सिलेंडर मौजूद हैं। ऐसे में इसे आबादी के बीच खड़ा करना किसी “टाइम बम” से कम नहीं है। इलाके में दिनभर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की आवाजाही रहती है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। लोगों का कहना है कि यदि गैस लीक या आग लगने जैसी कोई घटना होती है, तो यह तेजी से फैलकर बड़े हादसे का रूप ले सकती है।
नियमों की अनदेखी, PNGRB गाइडलाइंस का उल्लंघन
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) के नियमों के अनुसार, एलपीजी सिलेंडरों से भरे ट्रकों को रिहायशी या भीड़भाड़ वाले इलाकों में खड़ा करना प्रतिबंधित है। इसके लिए निर्धारित सुरक्षित स्थान तय किए गए हैं।
इसके बावजूद राहों रोड पर खुलेआम इन नियमों की अनदेखी की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं, बल्कि ट्रक अक्सर इसी तरह यहां खड़ा किया जाता है।
सुरक्षा इंतजामों का अभाव
स्थिति को और गंभीर बनाता है ट्रक में जरूरी सुरक्षा उपायों का न होना। स्थानीय लोगों के मुताबिक मौके पर किसी भी प्रकार के अनिवार्य सुरक्षा उपकरण मौजूद नहीं हैं।
नियमों के अनुसार ऐसे वाहनों में होना चाहिए:
- अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguishers)
- रेत से भरी बाल्टियां
- पानी से गीला कंबल या बोरा
- प्राथमिक उपचार किट (First Aid Kit)
- आपातकालीन नंबर (जैसे 1906)
- लेकिन इन सभी व्यवस्थाओं का अभाव बताया जा रहा है।
स्थानीय लोगों में रोष, कार्रवाई की मांग
इलाके के निवासियों ने इस मामले को लेकर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि यह लापरवाही सीधे तौर पर लोगों की जान को खतरे में डाल रही है। लोगों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप कर ट्रक को हटाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह रिहायशी इलाके में गैस सिलेंडरों से भरे ट्रक को खड़ा करना आपराधिक लापरवाही की श्रेणी में आ सकता है। यदि कोई हादसा होता है, तो गैस एजेंसी, ट्रक मालिक और ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है।
प्रशासन से मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ये प्रमुख मांगें रखी हैं:
ट्रक को तुरंत रिहायशी इलाके से हटाया जाए
- संबंधित एजेंसी की जांच की जाए
- सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए
- जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो
- भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाए
निष्कर्ष
राहों रोड पर गैस सिलेंडरों से भरे ट्रक का खड़ा होना एक गंभीर सुरक्षा खतरा बन गया है। यह न सिर्फ नियमों की अनदेखी है, बल्कि लोगों की जान के साथ बड़ा जोखिम भी है। समय रहते कार्रवाई न होने पर यह किसी बड़े हादसे में बदल सकता है।