Edited By Subhash Kapoor,Updated: 13 Apr, 2026 09:44 PM

स्थानीय फाऊंटेन चौक में एक वाहन चालक और ट्रैफिक ए.एस.आई. के बीच चालान को लेकर हुई तकरार की वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। वीडियो में साफ सुना जा रहा है कि कैसे ट्रैफिक ए.एस.आई. ने पहले तो युवक को वीडियो बनाने पर पर्चा देकर अंदर देने का...
लुधियाना (सुरिंद्र सन्नी): स्थानीय फाऊंटेन चौक में एक वाहन चालक और ट्रैफिक ए.एस.आई. के बीच चालान को लेकर हुई तकरार की वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। वीडियो में साफ सुना जा रहा है कि कैसे ट्रैफिक ए.एस.आई. ने पहले तो युवक को वीडियो बनाने पर पर्चा देकर अंदर देने का कहा। फिर इसके बाद वीडियो बनाने पर ऐतराज जाहिर करते हुए सीधा कहा कि ''मार मार चपेड़ा हवालात 'च दे दूं।'' जिसका कार में सवार युवकों ने ऐतराज जताया है। उन्होंने इसकी शिकायत ट्रैफिक पुलिस के उच्च अधिकारियों तक भी पहुंचा दी है। मामला बीते सप्ताह का बताया जा रहा है।
जानकारी देते हुए बाघापुराना जिला मोगा के रहने वाले कमलजीत सिंह ने बताया कि वह म्यूजिक स्टूडियो का काम करते हैं और अपना कुछ निजी सामान लेने के लिए अपनी स्विफ्ट कार में सवार होकर चौड़ा बाजार आए थे। वापस जाते समय फाउंटेन चौक के पास उन्हें ट्रैफिक कर्मियों ने रोक लिया। रोकने पर उन्होंने संबंधित ट्रैफिक अधिकारी को बताया कि सबने सीट बेल्ट लगा रखी है और गाड़ी के कागजात भी पूरे है, जिसे ऑनलाइन जांचा जा सकता है।
इसके बाद उनसे ड्राइविंग लाइसेंस मांगा गया। ड्राइविंग लाइसेंस लेने के बाद ट्रैफिक अधिकारी ने उन्हें कहा कि आपका चालान होगा। जब उन्होंने इसका कारण पूछा तो अधिकारी ने बताया कि उन्होंने अपनी गाड़ी में सीट पर सामान रखा है। जब उन्होंने कहा कि ऐसा कोई रूल नहीं है। वह तो अपनी निजी कार में निजी सामान लेकर जा रहे है।
इतने में उन्होंने मोबाइल निकाल कर वीडियो बनाना शुरू कर दिया तो ट्रैफिक अधिकारी आपे से बाहर हो गए। उन्हें सीधा धमकाया कि पर्चा देकर अंदर कर दूंगा। तुम्हें पुलिस अधिकारियों की वीडियो बनाने का कोई अधिकार नहीं। इसके बाद भी ट्रैफिक अधिकारी रुके नहीं और युवक को मार मार चपेड़ा हवालात 'च दे दूं तक के शब्द बोले गए। पुलिस अधिकारी के इस व्यवहार से कार सवार युवक बेहद आक्रोश में है।
सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हुई तो लोग भी अधिकारियों पर ऐसे पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे है। कार सवार युवकों के अनुसार उन्होंने मामले की सारी वीडियो ट्रैफिक पुलिस के उचित अधिकारियों तक भेज दी है, लेकिन अभी तक उन्हें कोई रिस्पांस नहीं मिला। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि सड़कों पर आम लोगों से ऐसा व्यवहार करने वाले अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूर होनी चाहिए।
उधर इस संबंध में ट्रैफिक पुलिस के संबंधित ए.एस.आई. से जब उनका पक्ष लेना चाहा तो कई बार संपर्क करने के बावजूद उन्होंने फोन को अटेंड करना जरूरी नहीं समझा। जबकि जोन इंचार्ज परमिंदर सिंह का कहना है कि उन्हें भी सोशल मीडिया के माध्यम से ही मामले का पता चला है। उन्होंने कहा कि इससे संबंधी मंगलवार को सारा मामला सीनियर अधिकारियों के ध्यान में लाकर इसका समाधान किया जाएगा।