Edited By Kalash,Updated: 27 Sep, 2026 02:28 PM

कारोबारी फर्म के बैंक खाते से भूलवश ट्रांसफर हुए 50 लाख की भारी-भरकम रकम को हड़पने और उसके बदले फर्जी बिल तैयार कर लाखों रुपये का कमीशन का फर्जी दावा ठोकने का मामला सामने आया है।
लुधियाना (राज): कारोबारी फर्म के बैंक खाते से भूलवश ट्रांसफर हुए 50 लाख की भारी-भरकम रकम को हड़पने और उसके बदले फर्जी बिल तैयार कर लाखों रुपये का कमीशन का फर्जी दावा ठोकने का मामला सामने आया है। कारोबारी फर्म के पुराने कर्मचारी ने खाते में आई 50 लाख रुपये की रकम को वापस लौटाने की बजाय अपनी पूर्व फर्म पर ही 51.50 लाख का जाली बिल बनाकर ठगी करने का प्रयास किया। पुलिस उच्चाधिकारियों को दी गई शिकायत की तकनीकी जांच के बाद थाना फोकल प्वाइंट की पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी की संगीन धाराओं के तहत आपराधिक केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह मामला शिकायतकर्ता हैप्पी गुप्ता (डायरेक्टर, मैसर्स राजिंदरा फोर्ज प्राइवेट लिमिटेड, द्वारा दी गई शिकायत में सामने आया है कि शिकायतकर्ता फर्म के अकाउंटेंट अमन कुमार द्वारा बैंकिंग कार्य के दौरान अनजाने में एक बड़ी चूक हो गई। अकाउंटेंट से फर्म के बैंक खाते से गलती से पचास लाख रुपये की रकम फर्म के एक पुराने कर्मचारी धीरेंद्र पांडे के बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर हो गई। जब फर्म प्रबंधन को इस गलत ट्रांजेक्शन का पता चला, तो उन्होंने तुरंत धीरेंद्र पांडे से संपर्क कर गलती से ट्रांसफर हुई 50 लाख की रकम वापस करने को कहा। लेकिन, नियत खराब होने पर आरोपी धीरेंद्र पांडे ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया और इस रकम को हड़पने के लिए आरोपी ने एक शातिर कानूनी व दस्तावेजी जाल बुना।
आरोपी ने दावा किया कि जब वह उक्त फर्म में काम करता था, तो उसका फर्म की तरफ भारी कमीशन बकाया था। अपने इस अवैध दावे को सही साबित करने के लिए आरोपी धीरेंद्र पांडे ने इक्यावन लाख पचास हजार रुपये का एक पूरी तरह फर्जी और जाली इनवॉइस तैयार कर लिया और 50 लाख रुपये की रकम को उसमें एडजस्ट बताकर हड़पने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों के खातों, पुराने रिकॉड्र्स और तैयार किए गए इनवॉइस की बारीकी से जांच की।
जांच में पाया गया कि आरोपी द्वारा प्रस्तुत किया गया 51.50 लाख का इनवॉइस पूरी तरह फर्जी, है, जिसे सिर्फ गलती से आए 50 लाख रुपये को खुर्द-बुर्द व गबन करने की नीयत से तैयार किया गया था। जिसके बाद आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। जांच अधिकारी ने बताया कि बैंक खातों को फ्रीज करवाने और आरोपी द्वारा हड़पी गई 50 लाख रुपये की रकम की रिकवरी के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में नामजद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम रवाना करने की तैयारी की जा रही है।
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