जालंधर में प्रॉपर्टी हुई महंगी : डिप्टी कमिश्नर के अप्रूवल के बाद आज से लागू हुए नए कलेक्टर रेट

Edited By Kalash,Updated: 07 Jul, 2022 10:10 AM

property became expensive in jalandhar

जिला प्रशासन ने रियल एस्टेट मार्कीट को झटका देते हुए वर्ष 2022-23 के लिए रिहायशी व कमर्शियल दोनों के कलेक्टर रेट को बढ़ा

जालंधर (जतिन्द्र चोपड़ा): जिला प्रशासन ने रियल एस्टेट मार्कीट को झटका देते हुए वर्ष 2022-23 के लिए रिहायशी व कमर्शियल दोनों के कलेक्टर रेट को बढ़ा दिए हैं। जिले में हरेक क्षेत्र के आधार पर कलेक्टर रेटों में 10 प्रतिशत से लेकर 48 प्रतिशत बढ़ौतरी कर दी गई है। कलेक्टर रेट की नई दरें आज 7 जुलाई से लागू होगी।

डिप्टी कमिश्नर के निर्देशों पर सब रजिस्ट्रार-2 के अलावा तहसील नकोदर, तहसील शाहकोट, तहसील फिल्लौर के अलावा सब-तहसील आदमपुर, सब-तहसील करतारपुर, सब-तहसील भोगपुर, सब-तहसील मेहतपुर, सब-तहसील लोहिया, सब-तहसील गोराया, सब-तहसील नूरमहल में आज से नए कलेक्टर रेटों पर ही रजिस्ट्री होगी।

अब प्रॉपर्टी के खरीदार को रजिस्ट्री कराने दौरान लेनदेन पर स्टाम्प ड्यूटी के रूप में बढ़ी हुई फीस का भुगतान करना होगा क्योंकि नए पुराने कलेक्टर रेट लिस्ट में शामिल एग्रीकल्चर, इंडस्ट्रियल, कमर्शियल व रिहायशी प्रॉपर्टियों के रेटों को रिवाइज करके नए रेट तय कर दिए गए है जोकि एग्रीकल्चर व इंडस्ट्रियल जोन में 5 लाख रुपए प्रति एकड़ से लेकर 10 लाख रुपए प्रति एकड़ तक बढ़ा दिए गए है। इसी प्रकार पॉश इलाकों में कमर्शियल प्रॉपर्टी पर कलेक्टर रेटों में 2 से 3 लाख रुपए मरला तक इजाफा किया गया है जबकि रिहायशी प्रॉपर्टियों पर यह दर 20 हजार रुपए से लेकर 50 हजार रुपए प्रति मरला तक की गई है। नए कलेक्टर रेटों पर अब अगर कोई व्यक्ति एक कनाल के प्लाट की रजिस्ट्री करवाना चाहता है तो उसको पहले जहां 8 लाख रुपए रजिस्ट्री फीस अदा करनी पड़ती थी, अब 11.20 लाख रुपए खर्च करने पड़ेंगे।

सब रजिस्ट्रार-1 के अधीन आते क्षेत्रों के नए कलेक्टर रेट नहीं हुए फाइनल

 


डिप्टी कमिश्नर की मंजूरी के बाद जिले की 5 में से 4 तहसीलों और 7 सब-तहसीलों में नए कलेक्टर रेट लागू हो गए है परंतु सब रजिस्ट्रार कार्यालय के अधीन आते इलाकों के नए कलेक्टर रेट अभी तक फाइनल नहीं हो पाए है जिस कारण उक्त तहसील में नए कलेक्टर रेटों के लागू होने का काम अधर में लटक गया है।

माना जा रहा है कि सब रजिस्ट्रार-1 के नए कलेक्टर रेट फाइनल होने में अभी 1-2 दिन का समय लग सकता है। अगर ऐसा हुआ तो शनिवार और रविवार का सरकारी अवकाश होने के कारण सब रजिस्ट्रार-1 में अगले सोमवार से ही नए कलेक्टर रेट लागू हो पाएंगे।

सूत्रों की मानें तो सब रजिस्ट्रार-1 के अंतर्गत ही शहर के सबसे ज्यादा पाश व महंगी दरों की प्रॉपर्टियों के क्षेत्र आते हैं, जिस कारण प्रशासन इन इलाकों में रेट फिक्स करने को खास तौर पर फोकस कर रहा है। अगर जिले के बाकी इलाकों के मुताबिक कमर्शियल प्रॉपर्टी के रेटों में हुई बढ़ोत्तरी पर नजर दौड़ाई जाए तो अगर मॉडल टाऊन, जी.टी.बी. नगर, 66 फुटी रोड सहित अन्य पॉश इलाकों में भी उसी समान दरों में इजाफा हुआ तो यहां कलेक्टर रेट खासे बढ़ जाएंगे। जैसे कि अगर शहर के किसी अन्य इलाके में 2 लाख रुपए की कमर्शियल प्रॉपर्टी पर 30 प्रतिशत कलैक्टर रेट बढ़े है तो उस इलाके में कलेक्टर रेट 60000 रुपए प्रति मरला बढ़ेगें परंतु मॉडल टाऊन जैसे कमर्शियल प्रॉपर्टी के रेट 30 प्रतिशत बढेंगे तो वहां की प्रॉपर्टी के कलेक्टर रेट पुरानी दर 9 लाख से 2.70 लाख रुपए प्रति मरला के हिसाब से बढ़कर 11.70 लाख रुपए प्रति मरला तक पहुंच जाएंगे।

देर शाम तक नए कलेक्टर रेटों को सॉफ्टवेयर में अपलोड करने का होता रहा काम

 


डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी की मंजूरी मिलने के उपरांत नए कलेक्टर रेटों को जिले की सभी तहसीलों व सब तहसीलों के सॉफ्टवेयर में अपलोड कर दिया गया है। कल से रजिस्ट्री कराने आए आवेदकों को नई दरों पर ही स्टाम्प ड्यूटी अदा करनी पड़ेगी तभी उक्त प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री को मंजूरी मिल पाएगी।

हालांकि जिले की सभी तहसीलों और सब तहसीलों में विगत रात्रि और आज देर शाम तक नए कलेक्टर रेट अपलोड करने का काम निरंतर जारी रहा।

नए कलेक्टर रेट फाइनल करने दौरान बनाए अनेकों नए इंडस्ट्रियल सेगमेंट कोड
 


डिप्टी कमिश्नर ने नए कलेक्टर रेट फाइनल करने दौरान अनेकों नए इंडस्ट्रियल सेगमेंट कोड बना दिए है, जिसके बाद उक्त इलाकों में इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी संबंधी रजिस्ट्री कराना खासा महंगा साबित होगा। इन नए इंडस्ट्रियल सेगमेंट कोड में चक रामपुर लल्लियां में एग्रीकल्चर प्रॉपर्टी के कलेक्टर रेट 11 लाख रुपए प्रति एकड़ थे उसे बढ़ाकर 12 लाख रुपए प्रति एकड़ कर दिया गया है। वहीं चक रामपुर लल्लियां में नया इंडस्ट्रियल सेगमेंट कोड बनाकर इंडस्ट्रियल प्रापर्टीज के कलेक्टर रेट 15 लाख रुपए प्रति एकड़ निश्चित कर दिए है। 

वहीं लांबड़ा मेन रोड पर नए इंडस्ट्रियल सेगमेंट कोड़ को बनाकर वहां की प्रॉपर्टी के कलेक्टर रेट 85 लाख रुपए प्रति एकड़ रखे गए हैं जबकि उक्त एरिया में एग्रीकल्चर प्रॉपर्टी के नए रेट 70 लाख रुपए प्रति एकड़ किए गए हैं। ऐसे ही मकसूदपुर एरिया में नए इंडस्ट्रियल सेगमेंट कोड़ को बनाते हुए वहां की प्रॉपर्टी के कलेक्टर रेट को 1.10 करोड़ रुपए प्रति एकड़ निर्धारित किए गए है, जबकि मकसूदपुर में एग्रीकल्चर प्रॉपर्टी के नए रेट 92 लाख रुपए प्रति एकड़ रखे गए है।

कलेक्टर रेट बढ़ने से पहले रजिस्ट्री कराने को लेकर लोगों में लगी होड़

 


7 जुलाई से नए कलेक्टर रेट लागू होने को लेकर आज जिले की सभी तहसीलों और सब तहसीलों में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने को लेकर लोगों में होड़ लगी रही।

प्रापर्टी की खरीदों फरोख्त के सौदे कर चुके अनेकों लोगों ने रजिस्ट्री कराने को लेकर निर्धारित किए समय से पहले ही आज रजिस्ट्री करा ली ताकि उसकी रजिस्ट्री पुराने कलेक्टर रेटों पर ही हो सके और स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस की बढ़ी हुई फीस का वित्तीय बोझ न पड़ सके।

किस इलाके में क्या होंगे नए कलेक्टर रेट

 


जिले भर की प्रॉपर्टियों के नए कलेक्टर रेट लागू हो चुके हैं, इनमें से कुछ एरिया के रिहायशी और कमर्शियल प्रॉपर्टी के पुराने व नए कलेक्टर रेट प्रति मरला के हिसाब से इस प्रकार है:-

 

एरिया       नए-पुराने रिहायशी प्रॉपर्टी नए-पुराने कार्मिशियल रेट
अवतार नगर 2.15 लाख से बढ़कर 2.70 लाख रुपए 5.30 लाख से बढ़ाकर 6.50 लाख रुपए
अड्डा भार्गव कैंप 1.70 लाख से बढ़कर 2.50 लाख रुपए 4.15 लाख रुपये से 5 लाख रुपए
आदर्श नगर 2.80 लाख रुपए से बढ़कर 3.75 लाख रुपए 4.85 लाख रुपए से बढ़ाकर 6 लाख रुपए
घई नगर 1.15 लाख रुपए से 1.70 लाख रुपए 4.85 लाख रुपए से बढ़ाकर 6 लाख रूपए
संत नगर रिहायशी 1.05 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपए 2.50 लाख रुपए से बढ़कर 3.50 लाख रूपए

 


 

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