"रक्षक ही भक्षक बन गए", पंजाब सरकार पर बरसे Tarun Chugh

Edited By Sunita sarangal,Updated: 08 Aug, 2026 05:32 PM

tarun chugh accusations on punjab government

चुघ ने कहा कि वे आज कोई आरोप नहीं, बल्कि रिकॉर्ड लेकर आए हैं।

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने शनिवार को पार्टी के केंद्रीय कार्यालय, नई दिल्ली में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार आज सरकारी तंत्र के दुरुपयोग की देश में सबसे बड़ी मिसाल बन चुकी है। उन्होंने कहा कि जिन्हें रक्षक बनाया गया था, वही भक्षक बनकर पंजाब की अर्थव्यवस्था, शांति और संसाधनों को चाट रहे हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक हो रहे हैं और विद्यार्थी डरे हुए हैं, कानून व्यवस्था चरमरा चुकी है, रंगदारी, वसूली और टॉर्चर सेंटर चल रहे हैं और पूरा पंजाब भय के वातावरण में जी रहा है - जो आवाज उठाता है उसे मारा-पीटा जाता है और सार्वजनिक रूप से जातिसूचक टिप्पणियां की जाती हैं। 

पंजाब में माफिया राज

चुघ ने कहा कि वे आज कोई आरोप नहीं, बल्कि रिकॉर्ड लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरा रिकॉर्ड एक ही बात कहता है कि जो सरकार जनता की रक्षा के लिए बनी थी, आज उसी सरकार के हाथों माफिया पंजाब चला रहा है और पुलिस सुरक्षा देने के बजाय जनता के दमन में लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब के संसाधनों की खुलेआम लूट हो रही है - रावी नदी हो या पठानकोट का चक्की दरिया हो हर जगह दिनदहाड़े अवैध खनन जारी है।

तरुण चुघ ने कहा कि अरविंद केजरीवाल पंजाब आकर नई खनन नीति का वादा कर गए थे कि हर वर्ष 20,000 करोड़ पंजाब के खजाने में आएंगे जिससे शिक्षा क्रांति और स्वास्थ्य क्रांति होगी; लेकिन हालत यह है कि 800-900 करोड़ भी खजाने में नहीं पहुंचा। पंजाब का बच्चा-बच्चा जानता है कि अवैध खनन के हर ट्रक से "मान टैक्स" वसूला जा रहा है, यानी पैसा पंजाब के खजाने में जाने के बजाय उस माफिया की तिजोरी में जा रहा है जो आम आदमी पार्टी के कार्यालय से नियंत्रित होता है। उन्होंने कहा कि जो भगवंत मान चुनाव से पहले बताते थे कि अटैचियां कहां पहुंचती हैं, वे आज बताएं कि बाकी 19,200 करोड़ किसकी कोठी में पहुंच रहे हैं।

मीडिया पर रोक

चुघ ने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर है कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय को स्वयं हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने कहा कि पंजाब में आज अघोषित सेंसरशिप लागू है - अखबार क्या लिखेगा, क्या छापेगा, टीवी क्या दिखाएगा और क्या नहीं, यह मुख्यमंत्री कार्यालय तय कर रहा है। उन्होंने कहा कि "शीश महल-2" की खबर न छपे, इसके लिए बड़े-बड़े समाचार पत्रों और समाचार एजेंसियों को डराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो नहीं मानते, उन पर बुलडोजर चलाए जाते हैं और जी.एस.टी. की रेड कराई जाती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना अपराध नहीं होती, लेकिन पंजाब में आज सच छापना ही सबसे बड़ा अपराध बना दिया गया है।

कर्मचारियों पर लाठीचार्ज

तरुण चुघ ने कहा कि जो सरकार माफिया के सामने बेबस है, वही अपने कर्मचारियों के सामने ताकतवर बन जाती है। तरुण चुग ने कहा कि 6 मई 2026 से सफाई कर्मचारी वेतन वृद्धि और पुरानी पेंशन योजना की बहाली जैसी अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे, लेकिन 22 जुलाई 2026 को बरनाला में उनका स्वागत लाठियों से किया गया। उन्होंने कहा कि बरनाला की घटना उसी मानसिकता को दर्शाती है जिसमें शांतिपूर्ण लोगों पर बल प्रयोग को शासन का औजार समझ लिया जाता है। उन्होंने कहा कि इसी कारण पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग को स्वत: संज्ञान लेकर एस.एस.पी. बरनाला से रिपोर्ट तलब करनी पड़ी, फिर भी दोषी पुलिस अधिकारियों पर आज तक न कोई एफ.आई.आर. हुई, न कोई गिरफ्तारी।

उन्होंने कहा कि आज पंजाब रोडवेज, पनबस, पी.आर.टी.सी., पी.एस.पी.सी.एल., पी.एस.टी.सी.एल., आशा वर्कर्स, आंगनवाड़ी वर्कर्स, मिड-डे मील वर्कर्स, मनरेगा कर्मचारी तथा नगर निगम, जलापूर्ति एवं सीवरेज विभाग के कर्मचारी सब सड़कों पर हैं। कर्मचारियों का करोड़ों रुपये का डी.ए. बकाया है और अपने ही पैसे और पेंशन के लिए उन्हें भटकना पड़ा, जब तक कि उच्च न्यायालय और फिर सर्वोच्च न्यायालय को यह कहना नहीं पड़ा कि सरकार के पास पोस्टरबाजी और अखबारों में अपनी तस्वीरें छपवाने के लिए पैसा है, लेकिन एक पेंशनर को पेंशन देने के लिए पैसा नहीं है।

अनुसूचित जाति समाज पर अत्याचार

चुघ ने कहा कि पंजाब में अनुसूचित जाति समाज की आबादी सबसे अधिक है क्योंकि जब पूरे विश्व में रंग और जाति का भेद था, उस समय हमारे गुरुओं ने "मानस की जात सबै एकै पहचानबो" का उपदेश देकर संगत और पंगत की परंपरा दी। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य यह है कि आज उसी पंजाब में इसी समाज पर सबसे अधिक अत्याचार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी सरकार के कार्यकाल में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की 800 करोड़ की पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का मामला अदालत में है, जहां अक्टूबर 2025 में उच्च न्यायालय को कहना पड़ा कि राज्य सरकार "विरोधाभासी रुख" अपना रही है और "असत्य दलीलें" दे रही है।

शिक्षा के साथ खिलवाड़

तरुण चुघ ने कहा कि जिस आम आदमी पार्टी ने "सिख्या क्रांति" का वादा किया था, उसने पंजाब को "पेपर लीक क्रांति" दी है, और यह पहली घटना नहीं, चार वर्षों में छठी घटना है। उन्होंने कहा कि सच यह है कि पंजाब पुलिस ने ही पेपर लीक माफिया को पकड़ा और गिरफ्तारी के बाद पता चला कि यह माफिया कितना बड़ा है। यह सब FIR में दर्ज है फिर भी सरकार का एकमात्र प्रयास यह है कि खबर कैसे दब जाए।

कानून व्यवस्था तोड़ रही दम

चुघ ने कहा कि पंजाब की कानून व्यवस्था आज वेंटिलेटर पर है और वे यह बात बिना तथ्य के नहीं कह रहे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की "क्राइम इन इंडिया 2024" रिपोर्ट के अनुसार नशा तस्करी के लिए मादक पदार्थ रखने के 6,060 प्रकरणों के साथ पंजाब देश में पहले स्थान पर है, स्नैचिंग की 1,356 घटनाओं के साथ भी पहले स्थान पर है, एक ही वर्ष में 1,079 हत्याएं दर्ज हुईं और 48 अपराधी जेल से फरार हुए और यह वे आंकड़े हैं जो थानों में दर्ज हुए, जबकि 2025 और 2026 के हालात इससे भी बदतर हैं।

चुघ ने कहा कि सरकार बनते ही मई 2022 में मोहाली स्थित पुलिस इंटेलिजेंस मुख्यालय पर रॉकेट लॉन्चर से हमला हुआ, मई 2023 में हरमंदिर साहिब के निकट तीन सिलसिलेवार धमाके हुए, जुलाई 2024 में लुधियाना के शिंगार थाने पर लगभग 100 लोगों की भीड़ ने हमला किया और मई 2022 से 1 अगस्त 2026 के बीच पुलिस थानों, एक मंदिर, एक निजी अस्पताल सहित 21 ग्रेनेड एवं रॉकेट लॉन्चर हमले दर्ज किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि हर हत्या और हर ग्रेनेड हमले का वीडियो सार्वजनिक रूप से जारी करके अपराधी कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखा रहे हैं, गैंगस्टर जेल के भीतर से इंटरव्यू दे रहे हैं। पंजाब की जेलें माफिया के अघोषित कार्यालय ही नहीं, अब माफिया के स्टूडियो बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आज हर छोटे-बड़े शहर में 100-200 ऐसे व्यापारी, उद्योगपति, डॉक्टर, वकील और बड़े किसान मिल जाएंगे जो रंगदारी दे रहे हैं, एक ओर खनन पर "मान टैक्स" और दूसरी ओर आम आदमी पर जीने का "जीवन टैक्स", यही आज पंजाब की सच्चाई है।

'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान फेल

तरुण चुघ ने कहा कि "युद्ध नशे दे विरुद्ध" केवल सुर्खियां बटोरने का झूठा नाटक साबित हुआ है। नशे की ओवरडोज से 2023 में 89 नौजवानों की मौत हुई और 2024 में यह संख्या बढ़कर 106 हो गई और आज पंजाब के हर तीसरे-चौथे मोहल्ले में ऐसा घर मिलेगा जहां इंजेक्शन लगाते हुए किसी नौजवान की जान गई है। 150 करोड़ के बजट से घोषित नशा जनगणना उस पूरे वर्ष कभी कराई ही नहीं गई, राज्य में लगभग 60 हजार NDPS प्रकरण लंबित हैं। उन्होंने कहा कि सबसे गंभीर बात यह है कि खेमकरण के गांव कलसिया कलां के AAP के सरपंच को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने उनके घर से 18 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया।

CM भगवंत मान को चुनौती

उन्होंने कहा कि BJP की ओर से वे CM भगवंत मान को खुली चुनौती देते हैं कि नशे के विरुद्ध लड़ाई की शुरुआत ऊपर से हो। मुख्यमंत्री पहले अपना डोप टेस्ट कराएं, दूसरा टेस्ट वे स्वयं कराने के लिए तैयार हैं और सभी दलों के नेता तथा पुलिस अधिकारी भी डोप टेस्ट कराएं क्योंकि जब तक सत्ता के शीर्ष पर बैठा व्यक्ति स्वयं को प्रमाणित नहीं करता तब तक जनता को नशे के विरुद्ध उपदेश देने का नैतिक आधार ही नहीं बनता।

पेंशनों पर रोक

चुघ ने कहा कि पंजाब सरकार के पास अपनी प्राथमिकताएं तय करने का विवेक ही नहीं बचा। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की आवभगत के लिए पंजाब सरकार का जहाज और हेलीकॉप्टर उपलब्ध है, लेकिन पंजाब की विधवा पेंशन, बुढ़ापा पेंशन, स्कूलों की मरम्मत और शहरों की सड़कों के लिए पैसा नहीं है। 4 वर्षों में आम आदमी पार्टी ने पंजाब को कर्ज की ऐसी खाई में धकेल दिया है, जहां कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सरकार नैतिक आधार भी खो चुकी है; पंजाब के इतिहास में आज तक किसी लोकतांत्रिक सरकार के मुखिया को अकाल तख्त साहिब से ऐसी फटकार नहीं मिली, जैसी मुख्यमंत्री भगवंत मान को मिली।

कांग्रेस में चल रहा कलह कई सवाल खड़े कर रहा

कांग्रेस में चल रही अंतर्कलह से जुड़े एक प्रश्न पर तरुण चुघ ने कहा कि कांग्रेस के भीतर मारकाट की लड़ाई अब कोई छुपी हुई बात नहीं है, लेकिन असली प्रश्न कुछ और है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने स्वयं कांग्रेस हाईकमान के समक्ष यह आरोप रखा है कि पंजाब कांग्रेस अनुसूचित जाति भाईचारे के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ जाति के आधार पर भेदभाव कर रही है और उन्हें जाति देखकर पीछे धकेला जा रहा है, फिर भी कांग्रेस के एक भी नेता ने न तो इसका खंडन किया और न ही कोई कार्रवाई की। चुघ ने कहा कि या तो  चन्नी झूठ बोल रहे हैं और यदि वे सच बोल रहे हैं तो कांग्रेस चुप क्यों है और किन नेताओं को बचाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पंजाब की सभी 117 सीटों पर पूरी मेहनत से काम कर रही है, संगठन का दायरा और क्षेत्र दोनों बढ़ाए हैं और जनता का आशीर्वाद निरंतर बढ़ रहा है। चुघ ने भारतीय जनता पार्टी की ओर से मांग की कि बरनाला लाठीचार्ज की न्यायिक जांच हो और दोषी अधिकारियों पर तत्काल केस दर्ज हो, मार्च 2022 से अब तक हुई समस्त खनन गतिविधियों तथा "मान टैक्स" की CBI जांच कराकर श्वेत पत्र लाया जाए, PSSSB सहित सभी विवादित भर्ती परीक्षाओं की उच्चस्तरीय जांच के साथ पुन: परीक्षा हो और शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें, कर्मचारियों के DA एवं पेंशन बकाए का तत्काल भुगतान हो, राज्य में विशेष NDPS न्यायालय स्थापित किए जाएं और पंजाब की 553 किलोमीटर सीमा पर एकीकृत प्रति-ड्रोन प्रणाली तैनात की जाए। उन्होंने मीडिया से आग्रह करते हुए कहा कि पंजाब की इस दर्दनाक दास्तान को अपनी कलम से उठाइए, क्योंकि पंजाब के लोगों को बयान नहीं जवाब चाहिए, बहाने नहीं न्याय चाहिए और प्रचार नहीं पारदर्शिता चाहिए और भारतीय जनता पार्टी पंजाब के हर नागरिक की यह आवाज पूरी ताकत से उठाती रहेगी।

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