सुखपाल एनकाऊंटर मामले की जांच को बनेगी नई SIT

Edited By Vatika,Updated: 19 Jul, 2019 11:10 AM

sukhpal encounter case

वर्ष 2014 में सुखपाल सिंह फर्जी एनकाऊंटर मामले में डी.जी.पी. सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय द्वारा दाखिल याचिका पर पंजाब सरकार की तरफ से ए.जी. ने हाईकोर्ट को बताया कि डी.जी.पी. चट्टोपाध्याय को मामले की जांच में मेन स्ट्रीम में नहीं लाया जाएगा। नई एस.आई.टी....

चंडीगढ़(हांडा): वर्ष 2014 में सुखपाल सिंह फर्जी एनकाऊंटर मामले में डी.जी.पी. सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय द्वारा दाखिल याचिका पर पंजाब सरकार की तरफ से ए.जी. ने हाईकोर्ट को बताया कि डी.जी.पी. चट्टोपाध्याय को मामले की जांच में मेन स्ट्रीम में नहीं लाया जाएगा। नई एस.आई.टी. के लिए उनकी तरफ से अफसरों के नाम 22 जुलाई को कोर्ट को दे दिए जाएंगे।

दरअसल, डी.जी.पी. चट्टोपाध्याय की अर्जी पर पंजाब सरकार ने रिप्लाई फाइल करते हुए बताया कि चट्टोपाध्याय के अंडर 43 ऑफिशियल्स काम कर रहे हैं जबकि उनके वकील ने कहा कि ड्राइवरिंग से ऊपर सिर्फ 2 ऑफिशियल ही अंडर काम करते हैं। ऐसे में एस.आई.टी. का चेयरमैन बन मामले की जांच मुमकिन नहीं है। इसलिए उन्हें मेन स्ट्रीम में लाया जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि किसी ऑफिसर को मेन स्ट्रीम में लाना या नहीं, ये उसका काम नहीं है। मृतक सुखपाल की पत्नी दलबीर के वकील कार्तिक ने बताया कि डी.जी.पी. बनाम डी.जी.पी. विवाद के कारण जांच में देरी हो रही है। 

बता दें कि हाईकोर्ट ने अप्रैल में डी.जी.पी. चट्टोपाध्याय की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय एस.आई.टी. बना 29 मई तक जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे। 27 मई को डी.जी.पी. चट्टोपाध्याय ने अर्जी डाल कहा था कि न पावर है, न इंफ्रास्ट्रक्चर, न ही ट्रांसपोर्ट, ऐसे में वह जांच नहीं कर पाएंगे। उन्हें सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं या जिम्मेदारी और अधिकारी को सौंपी जाए। जवाब में ए.जी. पंजाब ने कोर्ट में कहा था कि एस.टी.एफ. चीफ गुरप्रीत दिओ भी जांच कमेटी का हिस्सा नहीं रह सकतीं। कोर्ट ने कहा था कि उनके आदेश को मान नहीं सकते तो चुनौती दे सकते हैं, क्योंकि जब जवाब फाइल करने का वक्त आया, तब सभी ने अपील पर अपील दाखिल करनी शुरू कर दी।

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