शिअद ने विधानसभा सत्र बुलाने के लिए मुख्यमंत्री को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया

Edited By Tania pathak,Updated: 13 Oct, 2020 09:55 AM

sad gave chief minister a 7 day ultimatum to call assembly session

कोर कमेटी ने कहा कि विधानसभा सत्र जल्द बुलाया जाए ताकि पूरे राज्य को प्रमुख मंडी घोषित किया जा सके और कृषि मंडीकरण पर केंद्र के...

चंडीगढ़ (अश्वनी): शिरोमणि अकाली दल ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को विधानसभा सत्र बुलाने के लिए 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है। अगर सत्र नहीं बुलाया गया तो पार्टी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगी। यह फैसला सोमवार को शिअद की कोर कमेटी की बैठक में लिया गया। 

कोर कमेटी ने कहा कि विधानसभा सत्र जल्द बुलाया जाए ताकि पूरे राज्य को प्रमुख मंडी घोषित किया जा सके और कृषि मंडीकरण पर केंद्र के हाल ही में कानूनों को रद्द करने के साथ-साथ 2017 के अपने स्वामित्व वाले ए.पी.एम.सी. को रद्द किया जा सके। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की अध्यक्षता में हुई बैठक में विशेष रूप से 3 कृषि कानूनों से परेशान किसानों के लिए लड़ रहे किसान संगठनों के लिए समर्थन दोहराया है। 

कोर कमेटी की मीटिंग में लिए गए फैसलों का ब्यौरा देते हुए अकाली दल के प्रमुख सलाहकार हरचरन सिंह बैंस ने कहा कि ‘भारत सरकार के किसान विरोधी कार्यों के खिलाफ स्टैंड लेने से मुख्यमंत्री के लगातार इंकार करने को देखते हुए उन्हें यह अल्टीमेटम देना जरूरी हो गया है, क्योंकि इससे केंद्र के 
कानून लागू नहीं होंगे। बैंस ने कहा कि पार्टी चाहती है कि किसानों द्वारा किए गए सभी खर्चों की कुल राशि का 50 फीसदी लाभ के स्वामीनाथन फार्मूले के अनुसार एम.एस.पी. तय किया जाए। पार्टी चाहती है कि सी.ए.सी.पी की सिफारिशें भारत सरकार के लिए बाध्यकारी हों।

मंत्री धर्मसोत पर हो कार्रवाई
मीटिंग में यह भी चर्चा हुई कि अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री साधु सिंह धर्मसोत को अनुसूचित जाति के बच्चों की छात्रवृत्ति से जुड़े 69 करोड़ रुपए के घोटाले के लिए दोषी ठहराए जाने के बावजूद मुख्यमंत्री ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी। इससे स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस सरकार को साधु सिंह धर्मसोत के गलत आचरण के कारण प्रभावित हुए 3 लाख से अधिक बच्चों की कोई परवाह नहीं है। कोर कमेटी ने मुख्यमंत्री को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि वह तुरंत धर्मसोत को बर्खास्त करें और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करें या इस मुद्दे पर लगातार आंदोलन का सामना करने को तैयार रहें। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में बलविंदर सिंह भूंदड़, प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, चरनजीत सिंह अटवाल, एस.जी.पी.सी. अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल, महेशइंदर सिंह ग्रेवाल, डा. दलजीत सिंह चीमा, जागीर कौर आदि शामिल थे।

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