Edited By Urmila,Updated: 08 Jan, 2026 11:43 AM

वन एवं वन्यजीव सुरक्षा विभाग ने पिछले 7 महीनों के दौरान 1000 से अधिक कर्मचारियों की सेवाएं नियमित की हैं।
जालंधर/चंडीगढ़ (धवन, अंकुर) : वन एवं वन्यजीव सुरक्षा विभाग ने पिछले 7 महीनों के दौरान 1000 से अधिक कर्मचारियों की सेवाएं नियमित की हैं तथा वर्ष 2023 में बनाई गई नीति के तहत 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके 519 अन्य वरिष्ठ कर्मचारियों जो आयु और शैक्षणिक योग्यता की शर्तें पूरी नहीं करते, को नियमित करने का प्रस्ताव वित्त, कार्मिक और कानूनी सलाहकार विभाग को भेजा गया है।
मुख्यमंत्री मान के दूरदर्शी नेतृत्व से प्रेरणा लेते हुए वन विभाग अपने कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह जानकारी आज वन एवं वन्यजीव सुरक्षा मंत्री लाल चंद कटारूचक ने वन परिसर में फॉरेस्ट वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान दी।
यूनियन प्रतिनिधियों द्वारा पिछले वर्ष 30 जुलाई को नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले कर्मचारियों के वेतन जारी करने की मांग के संबंध में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंत्री को अवगत कराया कि इस संबंध में एकीकृत मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (आई.एस.आर.एम.एस.) की आई.डी. अपडेट कर दी गई हैं।
मंत्री ने यूनियन की अन्य मांगों को भी गंभीरता और धैर्यपूर्वक सुनते हुए आश्वासन दिया कि विभागीय कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अवसर पर उपस्थित अन्य लोगों में वन एवं वन्यजीव सुरक्षा विभाग के सचिव प्रियांक भारती, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख) धर्मेंद्र शर्मा तथा मुख्य वन संरक्षक (मैदानी क्षेत्र) निधि श्रीवास्तव शामिल हुए।
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