चीन बार्डर पर शहीद हुए जवान के परिवार को सम्मान न मिलने पर लोगों में भारी रोष

Edited By Tania pathak,Updated: 06 Oct, 2020 12:28 PM

martyrdom on china border huge anger among people for not getting honor

शहीद नौजवान की पत्नी बेअंत कौर ने बताया कि चाहे उसके पति का संस्कार गुहाटी (असम) में सरकारी सम्मान के साथ किया गया परन्तु फ़ौज के आधिकारियों ने उसके पति की मृतक देह का अपमान किया है...

भीखी (ताइल): आई. टी. बी. पी. में पिछले 11 साल से अरुणाचल प्रदेश के चीन के साथ लगते बार्डर डामडिंग में तैनात स्थानीय कस्बा के फ़ौजी जवान यशवंत सिंह पिछले दिनों शहीद हो जाने के साथ उसके परिवार को मान-सम्मान न मिलने पर लोगों में भारी रोष  है। शहीद जवान की आज आत्मिक शांति के लिए पाठ का भोग श्री गुरु रविदास मंदिर, भीखी में रखा गया। आज इलाके के लोगों ने बड़ी संख्या में में सम्मिलित हुए परन्तु इलाका निवासी और परिवार में इस बात का रोष पाया गया कि अपनी ड्यूटी दौरान शहीद हुए जसवंत सिंह को पंजाब सरकार की तरफ से बनता मान-सम्मान नहीं दिया गया।

शहीद नौजवान की पत्नी बेअंत कौर ने बताया कि चाहे उसके पति का संस्कार गुहाटी (असम) में सरकारी सम्मान के साथ किया गया परन्तु फ़ौज के आधिकारियों ने उसके पति की मृतक देह का अपमान किया है। उन्होंने कहा पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल चाहे शहीद के परिवार के साथ दुख बांटने आए थे परन्तु सरकार का कोई भी अधिकारी, विधायक, मंत्री आदि उनके परिवार को देखने नहीं आया। शहीद के भाई कुलविन्दर सिंह ने भी आई. टी. बी. पी. के आधिकारियों पर उक्त आरोप लगाते भारत सरकार से परिवार के लिए इंसाफ की मांग की। कुलविन्दर सिंह ने मांग की कि शहीद की पत्नी को सरकारी नौकरी, बच्चों की मुफ़्त पढ़ाई और पंजाब सरकार से 50 लाख की आर्थिक सहायता दी जाए। 

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