Edited By Urmila,Updated: 18 Jan, 2026 05:07 PM

जिले में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत वितरित किए जाने वाले मुफ्त राशन में कथित रूप से बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है।
नवांशहर: जिले में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत वितरित किए जाने वाले मुफ्त राशन में कथित रूप से बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जांच में सामने आया कि बलाचौर, बंगा और नवांशहर ब्लॉक के लिए हजारों क्विंटल गेहूं के गेट पास तो काट दिए गए, लेकिन असल में लाभार्थियों तक अनाज पहुंचा ही नहीं।
सरकारी पोर्टल और जमीन पर वितरण के बीच अंतर का खुलासा
जिले के ई-पीडीएस पोर्टल के रिकॉर्ड के अनुसार, इन तीन ब्लॉकों के लिए कुल 2450 क्विंटल गेहूं गेट पास किए गए थे। लेकिन डिपो होल्डर्स और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गेहूं गोदामों से बाहर निकलने के बावजूद लाभार्थियों को एक दाना भी नहीं मिला। कहा जा रहा है कि इस वितरण को 31 दिसंबर तक पूरा करना था, लेकिन समय सीमा के दबाव में विभाग ने तेजी में गेट पास जारी किए।
ई-पॉस मशीनों में गड़बड़ी
जांच में यह भी सामने आया कि कई डिपो की ई-पॉस मशीनों में इनवेंटरी रिकॉर्ड गायब था। जबकि नियम के मुताबिक केवल 0.5% की कमी स्वीकार्य है, इस बार रिकॉर्ड में 8 से 10% स्टॉक गायब पाया गया। बलाचौर में 1100 क्विंटल, बंगा में 750 क्विंटल और नवांशहर में 600 क्विंटल स्टॉक संदिग्ध स्थिति में है।
लाभार्थियों तक राशन नहीं पहुंचा
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब वे डिपो गए तो उन्हें “स्टॉक नहीं है” या “सर्वर डाउन” जैसे बहाने दिए गए। जबकि पोर्टल पर राशन पूरा दिख रहा था। नवांशहर डिपो होल्डर्स ने बताया कि 1 जनवरी से 16 जनवरी तक जिले के किसी भी डिपो में नया राशन नहीं आया।
विभाग ने जांच से इनकार किया
डीएफएससी संगीता का कहना है कि सभी पात्र लाभार्थियों को राशन वितरित किया गया और कोई गड़बड़ी नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मामला जांच का विषय नहीं है और इस बार लगभग 10% कम राशन वितरित किया गया। डीएफएससी अधिकारी संगीता ने कहा कि सभी KYC धारकों को राशन वितरित किया गया है और इस मामले की जांच का कोई आधार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार लगभग 10 प्रतिशत कम राशन वितरित किया गया।
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