Edited By Kamini,Updated: 11 Apr, 2026 07:25 PM

पंजाब के लोगों के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है।
श्री आनंदपुर साहिब (दलजीत): पंजाब के लोगों के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है। दरअसल, हिमाचल एंट्री टैक्स के खिलाफ पंजाब में विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहा है। इसी सिलसिले में एक्टिविस्ट ने चार बड़े ऐलान किए हैं, जिनसे पता चलता है कि आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होगा। जहां एक तरफ इस मसले को सुलझाने के लिए कदम उठाए गए हैं और आंदोलनकारियों को 13 अप्रैल को चंडीगढ़ के पंजाब सिविल सेक्रेटेरिएट में मीटिंग के लिए बुलाया गया है, वहीं दूसरी तरफ हिमाचल सरकार के अपने वादों से मुकरने की वजह से आंदोलनकारियों में गुस्सा बढ़ गया है। हिमाचल प्रदेश ने एंट्री टैक्स के विरोध में 1 मई से पंजाब-हिमाचल-हरियाणा बॉर्डर पर सभी 55 टोल प्लाजा को टोल फ्री करने का ऐलान किया है।
गौरतलब है कि हिमाचल सरकार के अधिकारियों ने 1 अप्रैल को गढ़ा मोढ़ा टोल पर मीटिंग की थी और समस्या का समाधान करने का भरोसा दिया था, लेकिन आंदोलनकारियों के मुताबिक यह वादा झूठा साबित हुआ, जिसके चलते संगठनों ने फिर से कड़ा रुख अपनाया है। आज आंदोलन के अलग-अलग नेताओं - पंजाब मोर्चा के कन्वीनर गौरव राणा, कीर्ति किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वीर सिंह बरवा, किसान नेता सेठी शर्मा, आज़ाद टैक्सी यूनियन के उपाध्यक्ष कमलजीत सिंह, कीर्ति किसान मोर्चा के नेता हरप्रीत सिंह भाटो, जन अधिकार कल्याण समिति के अध्यक्ष कश्मीर सिंह नांगली और संघर्ष समिति के कानूनी सलाहकार एडवोकेट उत्तंश मोगा और इशांत गुप्ता ने मिलकर 4 बड़े फैसलों का ऐलान किया।
- पहला ऐलान: 13 अप्रैल को पंजाब सरकार के साथ मीटिंग पर सहमति बनी है, जिसमें आंदोलनकारी रेसिप्रोकल टैक्स के मुद्दे पर अपनी बात रखेंगे।
- दूसरा ऐलान: NHAI को 30 अप्रैल तक अपनी सड़कों पर लगे सभी 55 एंट्री टोल प्लाजा हटाने या खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है। नहीं तो, 1 मई को प्रदर्शनकारी NHAI के टोल प्लाजा को यात्रियों के लिए फ्री करने पर मजबूर होंगे।
- तीसरा ऐलान: यह ऐलान किया गया है कि 1 मई को पंजाब-हिमाचल-हरियाणा बॉर्डर पर मौजूद सभी 55 टोल प्लाजा फ्री कर दिए जाएंगे। इसमें शामिल होने के लिए अलग-अलग राज्यों के संघर्षशील नेताओं को बुलाया गया है। अगर प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो हिमाचल में एंट्री पॉइंट्स पर अनिश्चित समय के लिए नाकाबंदी कर दी जाएगी।
- चौथा ऐलान: 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक रूपनगर जिले के नूरपुरबेदी, नांगल, श्री आनंदपुर साहिब, कीरतपुर साहिब और रूपनगर के घनोली में 10 बड़ी पब्लिक सभाएं होंगी। इन सभाओं को अलग-अलग संगठन लीड करेंगे। होशियारपुर, पठानकोट और मोहाली जिलों में भी ऐसे ही इवेंट किए जाएंगे।
हिमाचल सरकार की वादाखिलाफी से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने श्री आनंदपुर साहिब के कॉलेज टी-पॉइंट पर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया और हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का पुतला जलाया। विरोध प्रदर्शन के दौरान "सुक्खू मुर्दाबाद" के नारे लगाए गए। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वारिंग के खिलाफ भी नारे लगाए गए और उन पर गुमराह करने का आरोप लगाया गया। मीटिंग के दौरान कन्वीनर गौरव राणा, वीर सिंह बरवा, कश्मीर सिंह नांगली, सुरिंदरपाल सिंह ढेर, गुरबख्श सिंह दसराई, सरपंच ब्यास देव मोहंदपुर, गुरदयाल सिंह, निशान गुप्ता, एडवोकेट उत्तम मोंगा, हरप्रीत सिंह भट्टो, प्रिंस बधाल, विक्रम संधू, जस्सी लल्लनवाल, सुबेग सिंह मानावाला, सुबेग सिंह रौनक आदि मौजूद थे।
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