LADC नीति के विरोध में वकीलों का संघर्ष तेज,  21वें दिन 88 अधिवक्ता सामूहिक भूख हड़ताल पर

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 27 Jul, 2026 06:47 PM

lawyers protest against the ladc policy intensifies

LADC (लीगल एड डिफेंस काउंसिल) नीति के विरोध में पंजाब भर के अधिवक्ताओं का आंदोलन निर्णायक दौर में पहुंच गया है। लगातार 21वें दिन भी ‘नो वर्क’ पूरी तरह प्रभावी रहा, जबकि जिला बार एसोसिएशन, लुधियाना के आह्वान पर सोमवार को जिला न्यायालय परिसर में 88...

लुधियाना  (मेहरा): LADC (लीगल एड डिफेंस काउंसिल) नीति के विरोध में पंजाब भर के अधिवक्ताओं का आंदोलन निर्णायक दौर में पहुंच गया है। लगातार 21वें दिन भी ‘नो वर्क’ पूरी तरह प्रभावी रहा, जबकि जिला बार एसोसिएशन, लुधियाना के आह्वान पर सोमवार को जिला न्यायालय परिसर में 88 अधिवक्ता सामूहिक शांतिपूर्ण भूख हड़ताल पर बैठे।

बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट विपन सगड़ एवं सचिव एडवोकेट हिमांशु वालिया ने कहा कि LADC नीति के खिलाफ वकीलों का संघर्ष पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार की ओर से लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता और LADC नीति वापस नहीं ली जाती, तब तक ‘नो वर्क’ और आंदोलन जारी रहेगा।

सोमवार की सामूहिक भूख हड़ताल में जिला बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एडवोकेट गगनदीप सिंह बेदी, वित्त सचिव एडवोकेट मयंक चोपड़ा, संयुक्त सचिव एडवोकेट रचिन सोनी सहित मणि दुआ, रमन अड्डीवाल, जसबीर सिंह, समर शर्मा, प्रिंस अरोड़ा, अमनदीप भनोट, दलीप गर्ग, टिंकल, कुलदीप सिंह, पवन शर्मा, के.एल. कोचर, अशोक मित्तू, राकेश सभरवाल, अमरीक सिंह, सिकंदर सिंह, राजीव वर्मा, गुरदीप सिंह सल्ह, हरिओम जिंदल, मेहताब, राकेश भाटिया, अमित सूद, अमन शर्मा, अभिषेक शर्मा, चरणजीत कौर सेखों, कोमल शर्मा, गुरिंदरपाल सिंह, जतिंदर कुमार, सुनीता, राजन शारदा, किरपाल सिंह सैनी, जसविंदर सिंह, दविंदर सिंह बिजियाना, बॉबी कुमार, वारुल जैन, सुखविंदर भूमला, गुरप्रीत सिंह कालेर, वीना भारद्वाज, आशु महना, सज्जन कुमार, नीना गुप्ता, शरणजीत सिंह, सैमुअल भट्टी, अमित वर्मा, सनी शर्मा, हरविंदर सिंह, हैरी, डेज़ी सिंगला, मनिंदर सिंह, तरनप्रीत सिंह काहलों, मोहम्मद मुबारक हुसैन, नीरू, राहुल कपूर, करण वर्मा, मोना मल्होत्रा, सुनील श्रीवास्तव, देशराज सिंह, जगदीश चंद, राजेश्वर सिंह रंधावा, परमजीत कौर, अमनदीप कौर, अनु, सुनीता गोयल, रजनी, हरदीप कौर, अर्पणा शर्मा, मनप्रीत कौर, राकेश शर्मा, हरबंस कौर, कपिल गर्ग, परमेश, प्रीति, जीवन रावत, एस.के. लड्डी, अतुल कश्यप, हरजीत कौर, नीतू, गुरकिरत सिंह, गुरसेवक, विशाल कोहली, दीपक चड्ढा, मनदीप सिंह, सुखविंदर सिंह, अमित कल्याण, जतिंदर अरोड़ा, हरसिमर चड्ढा तथा कमलदीप सिंह भूख हड़ताल पर बैठे।
 
इसके अलावा लुधियाना के विभिन्न लॉ कॉलेजों के विद्यार्थियों ने भी आंदोलन में भाग लिया और अधिवक्ताओं के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए LADC नीति के विरोध में चल रहे संघर्ष को अपना पूर्ण समर्थन देने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने कहा कि यह संघर्ष केवल वकीलों का नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था और भावी विधि व्यवसाय की स्वतंत्रता की रक्षा का आंदोलन है।

‘नो वर्क’ के चलते सोमवार को जिला न्यायालय परिसर में अदालती कामकाज बुरी तरह प्रभावित रहा। अधिकांश मामलों में केवल अगली तारीखें दी गईं, जबकि नियमित न्यायिक कार्य लगभग पूरी तरह ठप रहा। न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से धरना एवं सामूहिक भूख हड़ताल जारी रखते हुए LADC नीति के विरोध में नारेबाजी की और सरकार से शीघ्र लिखित आश्वासन जारी करने की मांग दोहराई।

बार एसोसिएशन ने कहा कि यह आंदोलन केवल अधिवक्ताओं के हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि कानूनी पेशे की स्वतंत्रता, न्याय व्यवस्था की गरिमा तथा आम नागरिकों की न्याय तक प्रभावी एवं सुलभ पहुंच की रक्षा का संघर्ष है। एसोसिएशन ने सभी बार एसोसिएशनों, सामाजिक संगठनों, न्यायप्रिय नागरिकों और आम जनता से इस शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन को नैतिक समर्थन देने की अपील करते हुए कहा कि सरकार से लिखित आश्वासन मिलने और LADC नीति वापस लिए जाने तक संघर्ष एवं ‘नो वर्क’ आंदोलन पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।

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