Edited By Kamini,Updated: 21 May, 2026 07:18 PM

शुक्रवार को वकील न्यायिक कार्य से दूर रहेंगे और हड़ताल करेंगे।
बठिंडा (विजय वर्मा): हिंदू महासंगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं एडवोकेट संदीप पाठक की गिरफ्तारी के बाद शहर में विरोध का माहौल गरमा गया है। वकील समुदाय और विभिन्न हिंदू संगठनों ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए शुक्रवार को हड़ताल का ऐलान किया है। वहीं थाना सिविल लाइन पुलिस ने संदीप पाठक को अदालत में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड की मांग की, लेकिन सरकारी और बचाव पक्ष के वकीलों के बीच लंबी बहस के बाद अदालत ने उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
जानकारी के अनुसार थाना सिविल लाइन पुलिस ने 20 मई को एडवोकेट संदीप पाठक के खिलाफ संवेदनशील दस्तावेज लीक करने के आरोप में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। हालांकि वकीलों और हिंदू संगठनों के नेताओं ने इस कार्रवाई को बेबुनियाद और बदले की भावना से प्रेरित बताया है। वीरवार को अदालत में हुई सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने दलील दी कि संदीप पाठक के खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया है। उनका कहना था कि उन्होंने ऐसा कोई दस्तावेज लीक नहीं किया, जिससे किसी व्यक्ति या संस्था की सुरक्षा को खतरा पैदा हो।
मामले में सोनू माहेश्वरी ने कहा कि संदीप पाठक ने केवल अपनी सुरक्षा से संबंधित एक पत्र पुलिस अधिकारियों को भेजा था। उनके अनुसार केंद्र सरकार की ओर से संदीप पाठक को वाई श्रेणी सुरक्षा उपलब्ध कराने संबंधी पत्र एसएसपी कार्यालय को भेजा गया था, लेकिन उसे सार्वजनिक नहीं किया गया। उनका आरोप है कि उक्त पत्र किसी तरह संदीप पाठक तक पहुंच गया, जिसके बाद उन्होंने सुरक्षा की मांग करते हुए वह पत्र एक पुलिस अधिकारी को भेज दिया। इसके बावजूद सुरक्षा देने की बजाय पुलिस ने उनके खिलाफ गोपनीय दस्तावेज लीक करने का मामला दर्ज कर लिया।
वहीं दूसरी ओर वकीलों का कहना है कि एक अधिवक्ता की इस तरह गिरफ्तारी करना अनुचित है। गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार को वकील न्यायिक कार्य से दूर रहेंगे और हड़ताल करेंगे। इधर विभिन्न सामाजिक एवं हिंदू संगठनों ने भी बैठक कर संदीप पाठक की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। नेताओं का कहना है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया।
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