Edited By Subhash Kapoor,Updated: 12 May, 2026 07:37 PM

भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले में फंसे सीआईए स्टाफ-1 के एएसआई मनजिंदर सिंह को अदालत से बड़ा झटका लगा है। स्थानीय अदालत ने आरोपी एएसआई की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने सुनवाई के दौरान विजिलेंस ब्यूरो की ओर से पेश किए गए तथ्यों और दलीलों...
बठिंडा (विजय वर्मा) : भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले में फंसे सीआईए स्टाफ-1 के एएसआई मनजिंदर सिंह को अदालत से बड़ा झटका लगा है। स्थानीय अदालत ने आरोपी एएसआई की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने सुनवाई के दौरान विजिलेंस ब्यूरो की ओर से पेश किए गए तथ्यों और दलीलों को अहम मानते हुए आरोपी को किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया।
मामला एक कारोबारी की शिकायत से जुड़ा हुआ है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि सीआईए स्टाफ-1 में तैनात एएसआई मनजिंदर सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भ्रष्टाचार से जुड़ी गतिविधियों को अंजाम दिया। शिकायत के आधार पर विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।
जानकारी के अनुसार आरोपी एएसआई ने 4 मई को स्थानीय अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान विजिलेंस की ओर से सरकारी वकील ने अदालत के सामने कई अहम बिंदु रखे। सरकारी पक्ष ने दलील दी कि मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है और आरोपी से पूछताछ बेहद जरूरी है। विजिलेंस ने अदालत को बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी से कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं तथा मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित नेटवर्क का भी पता चल सकता है।
अदालत ने सरकारी पक्ष की दलीलों से सहमति जताते हुए कहा कि इस स्तर पर आरोपी को अग्रिम जमानत देना जांच को प्रभावित कर सकता है। इसके बाद अदालत ने एएसआई मनजिंदर सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
सूत्रों के मुताबिक अदालत से राहत न मिलने के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी एएसआई की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। विभिन्न संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।सूत्रों का कहना है कि विजिलेंस को शक है कि मामले में सिर्फ एक पुलिस अधिकारी ही नहीं बल्कि अन्य कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। ऐसे में आरोपी की गिरफ्तारी जांच के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।