जमींदार की कैद से छूटा मजदूर', 6 साल तक झेली बंधक जैसी जिंदगी, निहंगों ने कराया आजाद

Edited By Vatika,Updated: 27 May, 2026 09:31 AM

laborer rescued from landlord s captivity

थाना जमालपुर के अंतर्गत आते इलाके से बंधुआ मजदूरी और मानवीय क्रूरता का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है,

लुधियाना (राज): थाना जमालपुर के अंतर्गत आते इलाके से बंधुआ मजदूरी और मानवीय क्रूरता का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने आधुनिक समाज में इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। यहां एक रसूखदार जमींदार परिवार द्वारा एक लाचार व्यक्ति को पिछले 6 सालों से बंधक बनाकर रखने का खौफनाक खुलासा हुआ है। पीड़ित से दिन-रात जानवरों की तरह काम लिया जाता था और विरोध करने पर उसे मानसिक व सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।

200 रुपये दी जाती थी मामूली दिहाड़ी
इस नरक जैसी जिंदगी से पीड़ित को किसी कानून ने नहीं, बल्कि निहंग सिंहों की जत्थेबंदी ने अपनी सूझबूझ और दलेरी से आजाद करवाया है। निहंगों ने न सिर्फ पीड़ित को जमींदार के चंगुल से छुड़वाया, बल्कि आरोपी के पास मौजूद अवैध हथियार भी पुलिस से जब्त करवाए। पीड़ित व्यक्ति ने अपनी रिहाई के बाद जो आपबीती सुनाई, वह रूह कंपा देने वाली है। पीड़ित के मुताबिक, कुछ साल पहले उसने अपना घर बनाने के लिए जमींदार से कुछ कर्ज लिया था। बस यही कर्ज उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा अभिशाप बन गया और वह जमींदार के बुने जाल में बुरी तरह फंस गया। आरोप है कि इसके बाद जमींदार परिवार उससे सुबह से लेकर देर रात तक करीब 18 से 20 घंटे तक जबरन मजदूरी करवाता था। इस हाड़-तोड़ मेहनत के बदले उसे महज 200 रुपये की मामूली दिहाड़ी दी जाती थी, ताकि वह कभी अपना कर्ज न उतार सके।

 किसी खूंखार कैदी जैसी जिंदगी जी रहा था बच्चा
गुलामी का आलम यह था कि पिछले 6 सालों से पीड़ित न तो अपने बच्चों के स्कूल जा पाया और न ही अपने सगे-संबंधियों के किसी सुख-दुख के मौके पर शामिल हो सका। उसे बाहरी दुनिया से पूरी तरह काट दिया गया था। पीड़ित ने रोते हुए बताया कि जब भी वह तंग आकर अपने घर जाने की मिन्नतें करता, तो आरोपी जमींदार उस पर अजीबोगरीब और अमानवीय दबाव बनाते थे। आरोपी कहते थे कि 'तू अपनी पत्नी से तलाक ले ले, तुझे और तेरे बच्चों को हम खुद पाल लेंगे।' पीड़ित ने करीब छह साल तक किसी खूंखार कैदी जैसी जिंदगी बसर की।

कानून हाथ में लेने वाले को बख्शा नहीं जाएगा: SHO
जब जुल्म की इंतहा हो गई, तो पीड़ित की बेबस पत्नी ने हिम्मत जुटाई और निहंग बाबा कुलदीप सिंह से मुलाकात कर अपनी पूरी दास्तान बयां की। मामले की गंभीरता को देखते हुए निहंग जत्थेबंदी तुरंत हरकत में आई। निहंग सिंहों ने मौके पर पहुंचकर न सिर्फ पीड़ित को जमींदार की कैद से सुरक्षित बाहर निकाला, बल्कि आरोपी जमींदार की पिस्टल भी मौके पर पुलिस बुलाकर जब्त करवा दी। इसके बाद निहंगों ने पीड़ित को रोते बिलखते परिवार के हवाले कर दिया। इस मामले में थाना जमालपुर के नवनियुक्त एस.एच.ओ. (SHO) प्रमोद कुमार ने बताया कि उन्होंने अभी दो दिन पहले ही थाने का चार्ज संभाला है। मामला उनके संज्ञान में आ चुका है और इसकी पूरी बैकग्राउंड की जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने साफ लफ्जों में भरोसा दिलाया है कि कानून हाथ में लेने वाले को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले की बेहद निष्पक्षता से जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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