Edited By Vatika,Updated: 23 Apr, 2026 10:07 AM

चंदन नगर इलाके से ममता को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक खबर सामने आई है
लुधियाना (राज): चंदन नगर इलाके से ममता को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां भाटिया डेयरी के पास एक घर में खेल रही 3 साल की मासूम बच्ची आग की लपटों का शिकार हो गई। बच्ची के नायलॉन की फ्रॉक ने माचिस की तीली से निकली चिंगारी को चंद सेकंड में ही भयंकर आग में बदल दिया। अपनी जिगर के टुकड़े को आग में घिरा देख बेबस पिता ने नंगे हाथों से ही लपटों को बुझाने की कोशिश की, जिससे उसके हाथ भी बुरी तरह झुलस गए। फिलहाल मासूम जिंदगी और मौत के बीच लुधियाना के सिविल अस्पताल में जंग लड़ रही है।
आग की लपटों के बीच घिरी पड़ी थी बेटी
बच्ची के पिता सतपाल ने बताया कि वह अचानक किसी काम से घर पहुंचे थे। जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला, मंजर देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उनकी छोटी सी बेटी आग की लपटों के बीच घिरी तड़प रही थी। सतपाल ने अपनी जान की परवाह किए बिना उसे बचाने के लिए हाथ आगे बढ़ा दिए, जिससे उसकी उंगलियां जल गईं। सतपाल का कहना है कि अगर वह दो मिनट की भी देरी कर देते, तो शायद आज उनकी बेटी उनके बीच न होती। इस हादसे ने गरीबी का वो चेहरा भी उजागर किया है जिसे सुनकर किसी का भी दिल पसीज जाए। हादसा बुधवार शाम 4 बजे हुआ, लेकिन गरीबी के कारण मासूम को अस्पताल तक पहुंचने में 6 घंटे की देरी हो गई।
परिवार के पास इलाज तक के नहीं पैसे
मां ममता देवी ने बताया कि वे इतने गरीब हैं कि उनके पास इलाज के लिए पैसे तक नहीं थे। वह कोठियों में झाड़ू-पोछा करने गई हुई थी और जब उसकी मालकिन को इस दुखद घटना का पता चला, तो उन्होंने दरियादिली दिखाते हुए मदद का हाथ बढ़ाया और बच्ची को अस्पताल पहुंचाने का प्रबंध किया। परिजनों ने पहले मासूम को पास के ही एक स्थानीय डॉक्टर के पास ले जाने की कोशिश की थी, लेकिन 60 फीसदी तक झुलस चुकी बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए उसे तुरंत बड़े अस्पताल रेफर कर दिया गया। देर रात करीब 10 बजे बच्ची को सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहाँ उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। करीब 6 घंटे तक मासूम बिना किसी बड़े इलाज के दर्द से कराहती रही।