Edited By Kalash,Updated: 02 Apr, 2026 10:52 AM

ईरान और इजराइल के बीच जारी युद्ध का असर अब आम जनजीवन पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
जालंधर (खुराना): ईरान और इजराइल के बीच जारी युद्ध का असर अब आम जनजीवन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। खाड़ी देशों में बढ़े तनाव के चलते पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। शहर में रसोई गैस की किल्लत शुरू हो गई है, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थिति यह है कि गैस एजेंसियों ने अपनी कार्यशैली में बदलाव कर दिया है। सिलेंडर बुकिंग का समय तो खैर बढ़ा दिया गया है परंतु कई एजेंसियों ने होम डिलीवरी भी लगभग बंद कर दी है। उपभोक्ताओं को मजबूरन एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े होकर सिलेंडर लेना पड़ रहा है। ऐसा ही नजारा पक्का बाग के निकट, लवकुश चौक से रैनक बाजार (नया बाजार) की ओर जाने वाली सड़क पर स्थित गैस एजेंसी के बाहर देखने को मिल रहा है। पीर बाबा की मजार के पास स्थित इस एजेंसी पर रोजाना भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है।
करियाना डीलर एसोसिएशन के प्रधान हरबंस लाल अरोड़ा ने बताया कि एजेंसी पर बढ़ती भीड़ के कारण खासकर बुजुर्गों और महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि इस तरह की भीड़ में किसी भी समय अप्रिय घटना घट सकती है। अरोड़ा ने सवाल उठाया कि जब गैस एजेंसियों की जिम्मेदारी उपभोक्ताओं के घर तक सिलेंडर पहुंचाने की है, तो फिर इन दिनों होम डिलीवरी क्यों नहीं की जा रही और ग्राहकों को एजेंसी तक आने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि गैस वितरण व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए और बुक किए गए सिलेंडरों की होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। साथ ही यदि कहीं गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी हो रही है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
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