Edited By Vatika,Updated: 05 May, 2026 08:55 AM

- गुजरात की एन.बी.एफ.सी. कंपनी के मालिकों ने बुना जाल, साइबर क्राइम की पुलिस ने एक आरोपी को दबोचा
लुधियाना(राज): एथिकल हैकर एवं साइबर सुरक्षा की दुनिया का बड़े नाम मेंं शुमार त्रिशनीत अरोड़ा के साथ करोड़ों रुपये की ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। गुजरात स्थित एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एन.बी.एफ.सी) चलाने वाले दो व्यक्तियों पर त्रिशनीत को 38 करोड़ रुपये का चूना लगाने के आरोप लगे हैं।
केवल एक दिन के लिए लिया था 38 करोड़ का लोन
लुधियाना कमिश्नरेट की साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी कौशल पटेल को गुजरात से गिरफ्तार किया था, हालांकि बाद में उसे कोर्ट से जमानत मिल गई। घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने बताया कि त्रिशनीत अरोड़ा अपनी कंपनी का विस्तार विदेश में कर रहे थे, जिसके लिए उन्हें फंड की जरूरत थी। उन्होंने उक्त फाइनेंस कंपनी से केवल एक दिन के लिए 38 करोड़ रुपये का लोन लिया था और इसके बदले अपने शेयर गिरवी रखे थे। शिकायत के मुताबिक, त्रिशनीत ने आरोपी द्वारा बताए गए बैंक खातों में लोन की पूरी राशि वापस जमा कर दी और अपने शेयर रिलीज करने को कहा।
पुलिस पूरे मामले की कानूनी बारीकियों से कर रही जांच
यहीं से ठगी का खेल शुरू हुआ। आरोपियों ने यह दावा करते हुए शेयर लौटाने से इनकार कर दिया कि उन्हें पैसे मिले ही नहीं हैं। आरोपियों का कहना था कि जिन बैंक खातों में रकम जमा की गई है, वे उनकी कंपनी के नहीं बल्कि फर्जी हैं। करोड़ों के इस हेरफेर की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने गहनता से जांच की और दो आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर एक को सलाखों के पीछे पहुँचाया। हालांकि, अब इस मामले में एक नया मोड़ आया है। पुलिस के मुताबिक, पीडि़त और आरोपियों के बीच अब समझौते की प्रक्रिया चल रही है, जिसके संबंध में उन्होंने पुलिस को हलफनामा (एफिडेविट) भी सौंपा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की कानूनी बारीकियों की जांच कर रही है।