शिवसेना नेता राजीव टंडन, भानु प्रताप और  पवन मान के खिलाफ पुलिस का Action, जानें क्यों...

Edited By Vatika,Updated: 13 Jul, 2026 09:24 AM

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सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो डालने के आरोप में - लादोवाल टोल प्लाजा पर प्रदर्शन कर रहे सिखों ने शिवसेना नेताओं पर दो समुदायों में दंगे भड़काने की बड़ी साजिश का लगाया आरोप

लुधियाना, (राज): शिवसेना नेताओं द्वारा सिख समुदाय के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणी करने के आरोप में थाना लाडोवाल की पुलिस ने शिवसेना नेता राजीव टंडन, भानु प्रताप और  पवन मान के खिलाफ अलग अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार, लाढोवाल टोल प्लाजा पर सिख जत्थेबंदियों ने आरोपी चेतन शर्मा की गिरफ्तारी के धरना प्रदर्शन किया था और हाइवे जाम कर दिया था। इस एकत्रीकरण के दौरान शिवसेना नेता पवन मान, राजीव टंडन और भानु प्रताप  द्वारा सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल  किया गया है। सिख जत्थेबंदियों का आरोप है कि इस वीडियो में इन व्यक्तियों ने सिख भाईचारे के खिलाफ न सिर्फ अपशब्दों और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया, बल्कि सिखों के बेहद पवित्र धार्मिक प्रतीकों 'ककारों' के बारे में भी अत्यंत अपमानजनक शब्द बोले हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है और पूरे सिख भाईचारे के दिलों में इन आरोपियों के खिलाफ भारी रोष व गुस्सा भड़क उठा है।

पुलिस को दी अपनी शिकायत में भवदीप सिंह ने आरोप लगाया है कि यह कोई सामान्य बयानबाजी नहीं है, बल्कि पंजाब के शांत माहौल को खराब करने और दो समुदायों के बीच आपसी नफरत की दीवार खड़ी करके खूनी दंगे भड़काने की एक बहुत बड़ी और सोची-समझी गहरी साजिश है। आरोपियों ने जानबूझकर ऐसी भड़काऊ शब्दावली का प्रयोग किया जिससे कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ सकें। सिख समुदाय के नेताओं का कहना है कि सिखों के ककार उनकी जान से भी प्यारे हैं और उनका अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस भड़काऊ वीडियो के वायरल होने के बाद विभिन्न सिख संगठनों ने एकजुट होकर आरोपियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन और आला अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि माहौल खराब करने की साजिश रचने वाले आरोपी पवन मान, राजीव टंडन और भानु प्रताप सलाखों के पीछे धकेला जाए। सिख भाईचारे ने चेतावनी दी है कि अगर पुलिस ने इन आरोपियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया, तो वे तीखा संघर्ष और बड़े स्तर पर रोष प्रदर्शन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।

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