जेलों में बेखौफ गैंगस्टरः वारदात को अंजाम देने के लिए ऐसे बुनते है ताना-बाना

Edited By Sunita sarangal,Updated: 23 Oct, 2021 02:40 PM

fearless gangsters in jails they commit crimes by sitting inside the jail

पंजाब की जेलों में बंद गैंगस्टर बड़े आराम के साथ अंदर बैठ कर अपना नैटवर्क चला रहे हैं। चाहे फिरौती वसूलनी हो, नशा बेचना हो या फिर किसी का कत्ल करना हो, इस का ताना-बाना जेलों में बुना जाता है...

जालंधरः पंजाब की जेलों में बंद गैंगस्टर बड़े आराम के साथ अंदर बैठ कर अपना नैटवर्क चला रहे हैं। चाहे फिरौती वसूलनी हो, नशा बेचना हो या फिर किसी का कत्ल करना हो, इस का ताना-बाना जेलों में बुना जाता है, जिसके बाद वारदात को अंजाम भी दे दिया जाता है। हाल ही में आतंकवादियों के जेल में बैठे गैंगस्टरों के साथ संपर्क में होने के भी इनपुट्ट मिले, जो सिर्फ मोबाइलों के जरिए ही संभव है। पंजाब की जेलों में बंद ऐसा कोई भी गैंगस्टर नहीं, जिसके पास मोबाइल फोन न हो। बड़े आराम के साथ वह जेलों में से अपनी, तस्वीरों सोशल साइटों पर अपलोड करते हैं। इंटरनेट कालिंग के जरिए अपने साथियों के संपर्क में हैं।

इतना ही नहीं, कुछ ऐसे गैंगस्टर भी हैं, जिनके आतंकवादियों के साथ संपर्क होने का संदेह है और वह बिना रोक-टोक जेलों में बैठकर आराम के साथ मोबाइल का प्रयोग कर रहे हैं। केवल कुछ पैसों के लिए जेल प्रशासन की कुछ काली भेडें जेलों में गैंगस्टरों को मोबाइल मुहैया करवा देती हैं। जेलों में मोबाइलों का हो रहा प्रयोग पंजाब की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। हैरानी की बात है कि कई ऐसे मामले भी पुलिस ने सामने रखे, जिससे साफ हुआ है कि जेलों में बैठकर गैंगस्टर कत्ल जैसी वारदातें करवा रहे हैं परंतु इसके बावजूद कोई सख्त एक्शन नहीं लिया गया। यदि कोई सख्ती भी होती है तो जेल में मौजूद काली भेडें पहले से ही मोबाइल इस्तेमाल कर रहे आरोपियों को चौकस कर देती हैं, जबकि कइयों के पास से मोबाइल वापस लेकर टिकाने भी लगा दिए जाते हैं। जेलों की चक्कियों तक में मोबाइल पहुंचा दिए जाते हैं।

जेलों में मोबाइल चलाने के लिए दिए जाते हैं विदेशी नंबर
जेलों में मोबाइल चलाने के लिए लोकल नंबर नहीं, विदेशी नंबर दिए जाते हैं। इन नंबरों से सिर्फ इटरनेट ही चलाया जा सकता है। यही कारण है कि जेलों से आने वाली कॉल इंटरनेट के जरिए आती हैं और यह ट्रेस करनी भी मुश्किल होती हैं। पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा भी कह चुके हैं कि आतंकवादी अब गैंगस्टरों को निर्देश दे रहे हैं।

जेलों में मोबाइल ही नहीं, एल.सी.डी. तक हो जाती है मुहैया
मोबाइल के अलावा जेलों में आरोपियों को एल.सी.डी. तक मुहैया करवा दी जाती है। कई गैंगस्टरों ने अपनी तस्वीरे भी सोशल साइटों पर अपलोड की, जिनमें एल.सी.डी. देखी जा सकती है। हाल ही में गैंगस्टर लारेंस बिशनोई की वीडियो वायरल हुई थी, जिसमें वह अपने साथियों के साथ जेल में जन्म दिन की पार्टी करता दिखाई दिया और पीछे से गानों की आवाजें भी आ रही थीं। सूत्रों की मानें तो हरेक सुविधा वाली बैरक का प्रति महीना खर्च देना पड़ता है। इसके अलावा जेलों में केक तक मुहैया करवा दिया जाता है। 

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