Edited By Sunita sarangal,Updated: 17 Oct, 2021 12:12 PM

पटाखों की बिक्री और चलाने पर प्रतिबंध के बावजूद दशहरे के दौरान शहर के विभिन्न सेक्टरों में पटाखें चलाए गए।
चंडीगढ़ (सुशील): पटाखों की बिक्री और चलाने पर प्रतिबंध के बावजूद दशहरे के दौरान शहर के विभिन्न सेक्टरों में पटाखें चलाए गए। दशहरे तथा रामलीला समितियों ने डी.सी. के आदेशों को अनदेखा किया है और भाजपा चंडीगढ़ अध्यक्ष अरुण सूद द्वारा जारी एक बयान पर भरोसा किया। इसके चलते अलग-अलग थाना पुलिस ने 6 दशहरा समितियों सहित 10 पर पटाखे चलाने व डी.सी. के आदेशों की उल्लंघना करने का मामला दर्ज किया है। वहीं चंडीगढ़ पुलिस दशहरा देखने आई और आयोजकों के खिलाफ सोशल डिस्टैंस न रखने का मामला दर्ज करना भूल गई। दशहरा देखने आए लोग एक-दूसरे के साथ खड़े थे। लोगों ने मास्क भी नहीं पहने थे परन्तु पुलिस ने कोरोना नियमों की अवहेलना की।
वीरवार को शहर की कई रामलीला समितियों के प्रतिनिधियों ने रावण के मुद्दे पर पटाखों से अरुण सूद से मुलाकात की और मामले में दखल देने को कहा था। इसके बाद ही सूद ने प्रशासक, उनके सलाहकारों और पुलिस अधिकारियों से बात की। उन्होंने इन अधिकारियों को बताया था कि एन.जी.टी. का हुकम दशहरे के लिए नहीं है। रावण के पुतले को जलाना सदियों पुरानी परंपरा है और पुतले में पटाखे डाले ही जाते हैं। इसलिए इस पर्व पर पटाखों पर प्रतिबंध लगाना ठीक नहीं है। यह संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद दशहरा कमेटियों ने पटाखे चलाए थे।
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