कूम कलां में प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क को लेकर CM मान ने किया बड़ा दावा

Edited By Kalash,Updated: 28 Jun, 2022 03:55 PM

cm mann made a claim about textile park in koom kalan

पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बीते दिन वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने लुधियाना जिले के गांव कूम कलां

चंडीगढ़ : पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बीते दिन वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने लुधियाना जिले के गांव कूम कलां में करीब 950 एकड़ जमीन पर इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क बनाने का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा राजपुरा में लगभग 1100 एकड़ के क्षेत्र में एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित करने की भी योजना पंजाब सरकार द्वारा बनाई है। पंजाब सरकार की योजना को लेकर विधानसभा में यह मुद्दा गर्मा गया है और राजनीतिक दलों और लोगों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है। इस मुद्दे का विरोध करते हुए विधायक हरदीप सिंह मुंडिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से कहा कि सरकार के इस फैसले से क्षेत्र के लोगों के मन में डर पैदा हो गया है कि केमिकल फैक्ट्री लगाने से जहरीले पदार्थ और रसायन सतलुज नदी में मिल जाएंगे। इसके साथ जल प्रदूषण और जीव-जंतुओं के अलावा लोगों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। इस लिए उन्होंने सरकार से मांग की है कि केमिकल फैक्ट्री लगाने के बजाय कोई और उद्योग स्थापित किया जाए।

विधायक हरदीप सिंह मुंडिया के नोटिस का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह प्रमुख योजना एक तरफ निवेशकों को आकर्षित करने में मदद करेगी और दूसरी तरफ युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। मान ने कहा कि इस योजना को आगे ले जाने के लिए निर्धारित गांवों के लोग सहमत हैं क्योंकि इससे गांव के लोगों को रोजगार मिलेगा। भगवंत मान ने स्पष्ट तौर पर कहा कि यह प्रोजेक्ट केंद्र और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों द्वारा निर्धारित सभी पर्यावरणीय प्रवानगियां और मापदंडों के अनुसार होगी। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इसे यकीनी बनाया जाएगा कि नदियों का पानी प्रदूषित न हो और लोगों के स्वास्थ्य पर कोई बुरा प्रभाव न पड़े, इसके लिए पर्यावरण के कानूनों का पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को लेकर चिंतित है ताकि कोई समस्या न आए। मान ने कहा, हमारी सरकार जो भी फैसला लेती है उससे पर्यावरण और धरती के नीचे का पानी कभी भी प्रदूषित नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह उद्योग केमिकल नहीं फैलाएंगे। इससे क्षेत्र के लोगों को रोजगार ही मिलेगा।

इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान जालंधर कैंट के विधायक परगट सिंह ने कहा कि जिस क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने का निर्णय लिया गया वह क्षेत्र बाढ़ संभावित क्षेत्र है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इससे जंगली क्षेत्र और पर्यावरण को भारी नुकसान होगा। परगट सिंह ने सुझाव दिया कि सरकार को विशेषज्ञों की सलाह से इस पर पुनर्विचार करना चाहिए ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।

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