Edited By Subhash Kapoor,Updated: 28 Jan, 2026 09:03 PM

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने आज चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी सरकार की तथाकथित मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना को भ्रामक, अव्यवहारिक और पूरी तरह प्रचार आधारित करार दिया। चुघ ने कहा कि इस योजना...
चंडीगढ़ : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने आज चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी सरकार की तथाकथित मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना को भ्रामक, अव्यवहारिक और पूरी तरह प्रचार आधारित करार दिया। चुघ ने कहा कि इस योजना की सबसे बड़ी और बुनियादी विफलता इसकी कड़ी पैकेज कैपिंग है, जो Rs. 10 लाख के स्वास्थ्य कवरेज के दावे को शुरू में ही खोखला साबित कर देती है।
चुघ ने कहा कि इस केजरीवाल-मान द्वारा लाई गई इस योजना का सबसे बड़ा झूठ इसके 10 लाख की स्वास्थ्य सुरक्षा का दावा है। वास्तविकता है कि इस योजना में सिर्फ 1 लाख का बीमा है और बाकी के 9 लाख कर्ज में डूबी मान सरकार के भरोसे है, ऐसे में सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न है कि यह 9 लाख आयेंगे कहा से? चुघ ने सवाल उठाया।
तरुण चुघ ने आगे कहा कि एक तरफ केजरीवाल और उनकी पार्टी 10 लाख के झूठ का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं गंभीर से गंभीर बीमारियों पर ऐसी कैंपिंग लगाई है कि किसी भी मरीज को इलाज मिलना असंभव है, जब किसी योजना में इलाज पर इतनी कम कैपिंग लगा दी जाए कि गंभीर बीमारियों का पूरा उपचार संभव ही न हो, तो ऐसे में Rs. 10 लाख का दावा केवल काग़ज़ी प्रचार बनकर रह जाता है। उन्होंने कहा कि यह योजना इस तरह डिजाइन की गई है कि मरीज को या तो आशा अधूरा इलाज मिले या फिर इलाज की भारी रकम अपनी जेब से चुकानी पड़े।
उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि केंद्र सरकार की योजना इलाज की वास्तविक लागत के अनुरूप व्यावहारिक दरें तय कर एक राष्ट्रीय मानक स्थापित करती है। इसके विपरीत, मुख्यमंत्री सेहत योजना में हार्ट सर्जरी, ब्रेन सर्जरी और घुटना प्रत्यारोपण जैसी जटिल प्रक्रियाओं पर इतनी कम कैपिंग रखी गई है कि बड़े और भरोसेमंद अस्पताल इस योजना से दूर हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग सबसे अधिक प्रभावित होता है।
चुघ ने कहा कि इस योजना को लाने में ही मान सरकार को 48 महीने लग गए, इसको धरातल पर लाने में खुद सरकार कह रही की 4 महीने लगेंगे लेकिन सच्चाई यह है कि इस योजना में इलाज तो मिलेगा नहीं लेकिन चुनावी साल में पंजाब की जनता के टैक्स के पैसे से आम आदमी पार्टी सिर्फ अपना दुष्प्रचार करेगी।
तरुण चुघ ने पंजाब की बदहाल वित्तीय स्थिति पर भी सवाल उठाए और कहा कि राज्य पहले से Rs. 4 लाख करोड़ से अधिक के कर्ज में डूबा हुआ है। बीते चार वर्षों में मान सरकार ने Rs. 1 लाख करोड़ से ज्यादा का नया कर्ज चढ़ा दिया है और केवल इसी वित्तीय वर्ष में Rs. 90,000 करोड़ की अदायगी करनी है। ऐसे हालात में बिना फंडिंग की स्वास्थ्य योजना पंजाब की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा जोखिम है, चुग ने तंज करते हुए कहा कि पंजाब सरकार के पास अपने कर्मचारियों को डीए देने तक का पैसा नहीं लेकिन केजरीवाल के हेलीकॉप्टर के लिए पूरा फंड है।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रति परिवार केवल लगभग Rs. 1 लाख का ही वास्तविक बीमा लिया गया है, जबकि शेष Rs. 9 लाख सरकार का भविष्य का वादा है। यदि केवल 1% परिवार भी योजना का लाभ लेते हैं तो सालाना खर्च Rs. 6,500 करोड़ तक पहुंच सकता है, जबकि बजट में इसके लिए नाममात्र का प्रावधान किया गया है।
तरुण चुघ ने कहा कि असली बहस Rs. 5 लाख बनाम Rs. 10 लाख की नहीं, बल्कि “पूरा बीमा बनाम काग़ज़ी वादा” की है। आयुष्मान भारत में वास्तविक, पूर्व-बीमित सुरक्षा है, जबकि AAP की मुख्यमंत्री सेहत योजना अधूरी संरचना और खोखले दावों पर टिकी है। भाजपा पंजाब की जनता के हित में इन तथ्यों को उजागर करती रहेगी और एक भरोसेमंद स्वास्थ्य व्यवस्था की मांग करती रहेगी।