Edited By Tania pathak,Updated: 26 Sep, 2021 01:52 PM

जिले के गांव चाओके में रविवार को मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पहुंचे। किसान आंदोलन के दौरान टिकरी बॉर्डर दिल्ली में शहीद हुए 18 वर्षीय युवक जशनप्रीत सिंह के पिता गुरमेल...
बठिंडा (विजय): जिले के गांव चाओके में रविवार को मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पहुंचे। किसान आंदोलन के दौरान टिकरी बॉर्डर दिल्ली में शहीद हुए 18 वर्षीय युवक जशनप्रीत सिंह के पिता गुरमेल सिंह को मुख्यमंत्री ने नौकरी के लिए नयुक्ति पत्र दिया। किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले युवक जशनप्रित सिंह के पिता गुरमेल सिंह ने कहा कि उन्हें नौकरी चाहे सरकार की तरफ से दी जा रही पर नौकरी उनके पुत्र की तरह सहारा नहीं बनेगी। उसने कहा कि सरकार किसान आंदोलन के बारे में सोचे, अगर केंद्र सरकार कृषि कानूनों को ही वापिस लें तो दिल्ली के बॉर्डर पर किसानों को बैठने की क्या जरूरत है।
सात साल बाद दुआएं कर मांगा था जशनप्रीत
गुरमेल सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी बलजिंदर कौर के पास जब काफी देर तक कोई औलाद नहीं हुई। सात साल बाद जशनप्रीत ने जन्म लिया था। लेकिन जैसे ही जशनप्रीत 18 साल का हुआ तो वो इसी दौरान 2 जनवरी 2021 को किसान आंदोलन में हिस्सा लेने दिल्ली टिकरी बॉर्डर पर चला गया। जहां पर उसकी अटैक से मौत हो गई। गुरमेल सिंह ने बताया के उनके पास तीन एकड़ जमीन है। जिस पर वो और जशनप्रीत खेती करते थे। इस जमीन पर धान की फसल लगाई हुई है।
मीडिया से चन्नी ने बनाई दूरी
गांव कटार सिंह वाला, नसीबपुरा, चाओके पहुंचे मुख्यमंत्री चन्नी ने मीडिया से दूरी बनाए रखी। उक्त तीनों गांव के दौरे दौरान मीडिया ने चन्नी से बात करने का प्रयास भी किया लेकिन चन्नी ने कोई बात नही की।
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