Edited By Subhash Kapoor,Updated: 18 May, 2026 09:27 PM

बरनाला नगर निगम चुनाव के तहत आज उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) का दिन पूरी तरह अनिश्चितता से भरा रहा। वार्ड नंबर 31 से भाजपा उम्मीदवार रजनी रानी के नामांकन पर एक निर्दलीय प्रत्याशी द्वारा दर्ज कराई गई आपत्ति के बाद उपजा विवाद देर...
बरनाला (विवेक सिंधवानी, रवि): बरनाला नगर निगम चुनाव के तहत आज उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) का दिन पूरी तरह अनिश्चितता से भरा रहा। वार्ड नंबर 31 से भाजपा उम्मीदवार रजनी रानी के नामांकन पर एक निर्दलीय प्रत्याशी द्वारा दर्ज कराई गई आपत्ति के बाद उपजा विवाद देर रात तक चर्चा का विषय बना रहा। इस दौरान नियमों की व्याख्या और राजनीतिक दावों के बीच प्रशासनिक अधिकारी भी पशोपेश की स्थिति में नजर आए।
नामांकन पत्रों की जांच के दौरान जैसे ही एक निर्दलीय उम्मीदवार ने तकनीकी आधार पर आपत्ति दर्ज कराई, वैसे ही माहौल में तनाव फैल गया। कागजात रद्द होने की आशंका को देखते हुए दर्शन सिंह नैनेवाल सहित कई नेता तुरंत जिला प्रशासनिक परिसर पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी दलीलें रखनी शुरू कर दीं। इस दौरान नेताओं द्वारा धरना देने और बाजार बंद कराने जैसे दबाव बनाने की कोशिश भी की गई। मामला राज्य नेतृत्व तक पहुंचने पर पूर्व विधायक केवल सिंह ढिल्लों ने भी प्रशासन को निष्पक्ष रहने की बात कही।
इस पूरे घटनाक्रम में प्रशासनिक प्रतिक्रिया बेहद नपी-तुली लेकिन उलझन पैदा करने वाली रही।जिला निर्वाचन अधिकारी तथा डीसी सरदार हरप्रीत सिंह ने स्पष्ट किया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एडीसी विवेक कुमार मोदी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है और पूरा फैसला केवल मेरिट (गुण-दोष) के आधार पर होगा।
एडीसी विवेक कुमार मोदी ने देर शाम स्थिति साफ करते हुए कहा कि अभी तक किसी भी उम्मीदवार का नामांकन न तो रद्द किया गया है और न ही स्वीकार। इस तकनीकी आपत्ति पर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है, जिसके बाद ही कोई कानूनी फैसला लिया जाएगा। हालांकि, रात साढ़े 9 बजे तक भी सरकारी रिकॉर्ड में यह मामला पूरी तरह 'पेंडिंग' (लंबित) ही दिखाई दिया। प्रशासन का कहना है कि वे अभी भी आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। बिना अंतिम फैसले के शुरू हुई इस राजनीतिक हलचल ने चुनाव प्रक्रिया की पेचीदगियों को उजागर कर दिया है।