लॉकडाउन की चुनौतियों के बावजूद गेहूं खरीद में हुआ इजाफा, देखे आंकड़े

Edited By Tania pathak,Updated: 27 May, 2020 11:42 AM

wheat procurement rises despite lockdown challenges

खरीद को सुरक्षित ढंग के साथ करने के लिए व्यक्तिगत खरीद केन्द्रों पर किसानों की आमद को कम करने के लिए खरीद केन्द्रों की संख्या में काफ़ी विस्तार किया...

लुधियाना (सरबजीत सिंह सिद्धू) : कोविड -19 के फैलने और देश भर में हुए लॉकडाउन के कारण पैदा हुई सभी रुकावटों को पार करते सरकारी एजेंसियों द्वारा गेहूं की खरीद लगभग 341.56 लाख मीट्रिक टन से अधिक हो गई है। गेहूं की कटाई आम तौर पर मार्च के अंत तक और खरीद हर साल अप्रैल के पहले सप्ताह शुरू होती है। बहुत से राज्यों में खरीद 15 अप्रैल से शुरू हो गई। हरियाणा ने 20 अप्रैल को थोड़ी देर से शुरूआत की। 

खरीद को सुरक्षित ढंग के साथ करने के लिए व्यक्तिगत खरीद केन्द्रों पर किसानों की आमद को कम करने के लिए खरीद केन्द्रों की संख्या में काफ़ी विस्तार किया गया था। इस दौरान नए सेंटर स्थापित किए गए हैं और पंजाब जैसे बड़े खरीद राज्यों में यह संख्या 1836 से 3681, हरियाणा में 599 तों और मध्य प्रदेश में 3545 से 4494 हो गई। वायरस के फैलने के खतरे के इलावा गेहूं की खरीद में बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, सभी पटसन मीलें बंद हो गई थीं।

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गेहूं की भराई के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पटसन के थैलों का उत्पादन रुक गया, जिस के साथ बड़ा संकट पैदा हुए है। सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में बिना मौसमी बारिश कटाई और मंडीकरन में विघ्न का एक बड़ा कारण रहा। इस के साथ बहुत से किसानों की गेहूं खेतों और मंडियों में बिखरी रही साथ ही नमी होने के कारण गेहूं का कम मूल्य मिला। 

इस साल के गेहूं  मंडीकरन संबंधित पंजाब की किसान यूनियन और किसानों का कहना है कि इस बार कोरोना महामारी साथ-साथ लगातार पड़ते बारिश ने मुश्किलों में बहुत विस्तार किया। घरों में गेहूं भंडारन की समस्या पैदा हुई।

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