Edited By Urmila,Updated: 20 Sep, 2026 01:42 PM

शहर के अंदर ट्रकों और टिप्परों की एंट्री कम करने और प्रमुख चौकों पर ट्रैफिक दबाव घटाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है।
जालंधर: शहर के अंदर ट्रकों और टिप्परों की एंट्री कम करने और प्रमुख चौकों पर ट्रैफिक दबाव घटाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। सराय खास से कंग साहबू तक बन रही रिंग रोड को दिल्ली-अमृतसर-जम्मू-कटड़ा एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा। यह कनेक्टिविटी कंग साहबू के पास फोर्क जंक्शन पर प्रस्तावित है।
रिंग रोड और एक्सप्रेस-वे को जोड़ने वाले हिस्से में अमृतसर-बठिंडा बिजली लाइन आ रही है। इसे हटाने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने 6.17 करोड़ रुपए की लागत वाले प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। बताया जा रहा है कि इसी महीने निर्माण एजेंसी को काम अलॉट किया जाएगा।
7 महीने में शिफ्ट होंगी हाईटेंशन लाइनें
एनएचआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर शांतनू कुमार के अनुसार हाईवे-754ए के करीब 54 किलोमीटर हिस्से को सुरक्षित बनाने के लिए बिजली की हाईटेंशन लाइनों को शिफ्ट किया जाएगा। यह काम करीब 7 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद रिंग रोड को एक्सप्रेस-वे से जोड़ने का काम आगे बढ़ेगा। इस प्रोजेक्ट के तहत पीएसटीसीएल और पीएसपीसीएल की 66 केवी, 132 केवी और 400 केवी की हाईटेंशन लाइनें शिफ्ट की जाएंगी, जो रिंग रोड और एक्सप्रेस-वे के प्रस्तावित एलाइनमेंट के बीच से गुजर रही हैं।
शहर के ट्रैफिक पर भी पड़ेगा असर
रिंग रोड के एक्सप्रेस-वे से जुड़ने के बाद नकोदर की तरफ जाने वाले भारी वाहनों को शहर के अंदर से होकर गुजरने की जरूरत कम होगी। इससे पठानकोट बाईपास चौक, रामा मंडी और पीएपी चौक पर ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है। इसके अलावा कंग साहबू, प्रतापपुरा, मीरानपुर, खानखान, हमीरी खेड़ा, सिंघ, जमशेर खास, फोलड़ीवाल, कादियांवाली, उधोपुर, बरसाल, शाहपुर और फतेहपुर समेत आसपास के गांवों के लोगों को अमृतसर, पठानकोट, फगवाड़ा और लुधियाना जाने के लिए जालंधर शहर के भीड़भाड़ वाले रास्तों पर निर्भरता कम होगी। इससे इन इलाकों के लोगों का सफर भी आसान और समय की बचत वाला हो सकेगा।
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