Edited By Urmila,Updated: 23 Sep, 2026 04:29 PM

टांडा पुलिस ने 14 सितंबर को उड़मुड़ के लाहौरिया मोहल्ला में हुए दुकानदार गुलजार सिंह की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है।
टांडा उड़मुड़ (पंडित): टांडा पुलिस ने 14 सितंबर को उड़मुड़ के लाहौरिया मोहल्ला में हुए दुकानदार गुलजार सिंह की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस जांच के मुताबिक, करीब 46 साल पहले 1980 में उड़मुड़ में हुए जयदेव सिंह की हत्या का बदला लेने के लिए, अमेरिका में रहने वाले उसके भाई जगजीत सिंह ने कथित तौर पर साजिश रची और जयदेव सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे प्रलाद सिंह के बेटे गुलजार सिंह की हत्या करवा दी। इस बारे में आज टांडा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डी.एस.पी. दविंदर सिंह बाजवा ने बताया कि पुलिस ने 14 सितंबर को उड़मुड़ में हुए गुलजार सिंह की हत्या की जांच की है और इसके पीछे की कथित साजिश का पता लगा लिया है।
डी.एस.पी. बाजवा ने बताया कि पुलिस जांच के मुताबिक, अमेरिका में रह रहे जगजीत सिंह पुत्र पूरन सिंह निवासी माडल टाउन उड़मुड़ ने अपने भाई जयदेव सिंह की हत्या का बदला लेने के लिए यह साजिश रची। उन्होंने बताया कि गुलजार सिंह के पिता प्रलाद सिंह जयदेव सिंह की हत्या में दोषी थे और उम्रकैद की सजा काटकर लौटे थे। पुलिस के मुताबिक, इसी पुरानी रंजिश के चलते जगजीत सिंह ने कथित तौर पर अपने जान-पहचान वालों के जरिए एक किराए के आदमी को तैयार किया और गुलजार सिंह की हत्या की साजिश रची।
उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस ने साजिश करने वाले जगजीत सिंह, साजिश में उसका साथ देने और कथित तौर पर किराए के हत्यारों को तैयार करने के आरोप में मुख्य आरोपी तेजिंदर सिंह उर्फ बिट्टू पुत्र प्यारा सिंह निवासी गांव गुराला, डॉ. बलविंदर सिंह भाटिया पुत्र जनक राज भाटिया निवासी जैदा (भुलत्थ) और घटना को अंजाम देने वाले जतिंदर सिंह उर्फ लाडा, भीचा पुत्र पुन्नू निवासी कत्थूनंगल और साहिब सिंह पुत्र कुलवंत सिंह निवासी रूपोवाली कथूनंगल को नामजद किया है। इनमें से पुलिस ने साहिब सिंह, भीचा और बिट्टू को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि जतिंदर सिंह उर्फ लाडा का अस्पताल में इलाज चल रहा बताया जा रहा है।
DSP बाजवा ने बताया कि गुलजार सिंह की हत्या के बाद टांडा थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इस बीच, थाना प्रमुख अमरजीत कौर, SI महेश कुमार, थानेदार विकास मेहता, पुनीत कुमार और जसप्रीत सिंह की टीम ने इलाके में लगे सी.सी.टी.वी. कैमरों की फुटेज की जांच की और घटना में शामिल संदिग्धों की पहचान के लिए जांच को आगे बढ़ाया गया।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि घटना वाली रात मोटरसाइकिल सवार आरोपियों का रास्ते में एक्सीडेंट हो गया था। इस घटना को जांच में अहम कड़ी बनाते हुए पुलिस ने साहिब सिंह और भीचा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर गुलजार सिंह की हत्या की साजिश की परतें खुलती गईं।
डी.एस.पी. बाजवा ने बताया कि पुलिस पूछताछ और अब तक की जांच में पता चला है कि अमेरिका में रहने वाला जगजीत सिंह, गांव गुराला में मौजूद धार्मिक डेरे के मुख्य सेवादार बिट्टू का जान-पहचान वाला था। पुलिस के मुताबिक, जगजीत सिंह ने कथित तौर पर बिट्टू के साथ मिलकर गुलजार सिंह की हत्या की साजिश रची थी। इसके बाद बिट्टू ने अपने जान-पहचान वाले डॉ. भाटिया को बुलाया और कथित तौर पर ऊपर बताए गए लोगों को बड़ी रकम के बदले हत्या करने के लिए तैयार किया।
पुलिस के मुताबिक, बिट्टू ने गुलजार सिंह की रेकी भी की थी। घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों में शामिल जतिंदर सिंह उर्फ लाडा भी गुराला में मौजूद डेरे में आता-जाता था। पुलिस के मुताबिक, साजिश तैयार होने के बाद मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए आरोपियों ने गुलजार सिंह पर चाकू से हमला करके उसकी हत्या कर दी।
डी.एस.पी. बाजवा ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर हत्या की साजिश से जुड़े दूसरे पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस दूसरे आरोपियों की भूमिका का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए भी कार्रवाई कर रही है।
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