Edited By Vatika,Updated: 19 Mar, 2026 10:22 AM

केंद्र सरकार की ”प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना" के तहत पंजाब भर के 23 विभिन्न
लुधियाना(खुराना): केंद्र सरकार की ”प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना" के तहत पंजाब भर के 23 विभिन्न जिलों में लाभपात्र परिवारों के रसोई घरों तक फ्री गेहूं का लाभ पहुंचने के मामले में मौजूदा समय दौरान लुधियाना जिला बुरी तरह से पछड़ गया है l
पिछले चार वर्षो से लगातार टॉप पर रहने के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीमें राशन कार्ड धारकों को उनके हिस्से का गेहूं पहुंचने के मामले में अब फिसल कर नौवें नंबर पर रह गई है जो कि विभाग के उच्च अधिकारियों के लिए मंथन करने का विषय है कि आखिर गलती कहां पर हुई है और क्यों नंबर वन का ताज पहनने वाला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का लुधियाना जिला लुढ़क कर इतना नीचे आ गिरा है l क्या इन सब के पीछे खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कंट्रोलर्स सरताज सिंह चीमा और लंबित सिंह सहित विभाग के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों में आपसी तालमेल की कमी रही है या फिर टीम की लापरवाही के चलते विभाग के हाथों इतनी बड़ी नाकामयाबी लगी है जोकि चिंता के साथ ही जांच का भी विषय है l
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक मौजूदा समय दौरान ”प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना " के तहत राशन कार्ड धारकों में बांटी जा रही फ्री गेहूं के मामले में मानसा जिले ने पहले नंबर पर बाजी मारी हुई है l जो कि अपने आप में हैरान कर देने वाले आंकड़े हैं माहिरो के मुताबिक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की तेज तर्रार लेडी सिंघम कंट्रोलर शिफाली चोपड़ा के कार्यकाल के दौरान न केवल राशन कार्ड धारकों को गेहूं बांटने के मामले में बल्कि लुधियाना जिले से संबंधित अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों में गेहूं और धान के फसली सीजन दौरान भी जिला हमेशा टॉप पोजीशन पर बाजी मारता रहा है जिसे लेकर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के चंडीगढ़ स्थित हेड क्वार्टर के कार्यालय में तैनात उच्च अधिकारियों द्वारा शिफाली चोपड़ा को अप्रिशिएसन पत्र से निवाजने सहित समय-समय पर उनकी टीम की पीठ भी थपथपाई जाती रही है लेकिन कुछ दिनों उनकी हुई लुधियाना से ट्रांसफर के बाद हालात बिल्कुल बदलते हुए नजर आ रहे हैं l
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक लुधियाना जिले में कुल 4,40,672 राशन कार्ड धारक है जिनमें से मौजूदा समय तक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विभिन्न टीमों द्वारा जिले के करीब 1800 राशन डिपो होल्डरों के मार्फत 3,87371 परिवारों को गेहूं का लाभ पहुंचाया गया है जो कि कुल 87.90 प्रतिशत के करीब बैठता है जबकि 53,000 से अधिक परिवार अभी भी अपने हिस्से का गेहूं नहीं ले पाए हैं l यहां इस बात का जिक्र करना कि अनिवार्य होगा कि केंद्र सरकार द्वारा योजना से जुड़े प्रत्येक परिवार तक गेहूं पहुंचने का अंतिम समय 31 मार्च तक निर्धारित किया गया है l
पंजाब के 23 जिलों में से पहले 10 स्थान पर आए जिलों का ब्यौरा
जिला ____ प्रतिशत
1 मानसा __ ___93.71
2 बरनाला_____92.11
3 श्री मुक्तसर साहिब_91.49
4 पटियाला____91.13
5 बठिंडा______91.01
6 फरीदकोट_____90.06
7 संगरुर____ 89.09
8 फतेहगढ़ साहिब___88.12
9 लुधियाना ____87.90
10 रूपनगर ___86.94