Edited By Vatika,Updated: 14 Apr, 2026 05:08 PM

पंजाबी अपने शौकों के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। इसी कड़ी में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन
चंडीगढ़: पंजाबी अपने शौक के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। इसी कड़ी में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की एक ताज़ा रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें खुलासा हुआ है कि पंजाब के लोग आलीशान घरों में रहने के सबसे ज्यादा शौकीन हैं। उत्तर भारत में पंजाब ऐसा राज्य है, जहां मकानों के निर्माण और उनकी मरम्मत (रेनोवेशन) पर सबसे अधिक खर्च किया जा रहा है, जो राष्ट्रीय औसत से कहीं ज्यादा है।
राष्ट्रीय औसत से कहीं ज्यादा खर्च
रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में लोग एक मकान के निर्माण या रेनोवेशन पर सालाना औसतन 4.72 लाख रुपये खर्च करते हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत 3.22 लाख रुपये है। देशभर में इस मामले में पंजाब तीसरे स्थान पर है, जबकि कर्नाटक (6.11 लाख रुपये) और तेलंगाना (5.23 लाख रुपये) क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर हैं।
शहरी और ग्रामीण खर्च में बड़ा अंतर
पंजाब के शहरी क्षेत्रों में मकान निर्माण का खर्च ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में काफी अधिक है। शहरों में प्रति घर सालाना औसत खर्च 6.10 लाख रुपये है, जबकि गांवों में यह आंकड़ा 3.87 लाख रुपये है। राष्ट्रीय स्तर पर भी यही रुझान देखने को मिलता है, जहां शहरी क्षेत्रों में निर्माण खर्च 4.16 लाख रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 2.93 लाख रुपये दर्ज किया गया है।
निर्माण सामग्री पर सबसे ज्यादा खर्च
पंजाब में मकान निर्माण के कुल बजट का लगभग 76.2% हिस्सा केवल निर्माण सामग्री पर खर्च होता है। इसमें ईंटों पर सबसे अधिक 31.5% खर्च किया जाता है, जबकि सीमेंट पर 21.3%, लोहे और स्टील पर 16.5% और लकड़ी के काम पर 4.5% खर्च होता है। पंजाब में निर्माण कार्य के दौरान मजदूरी भी महंगी है। एक मकान के निर्माण में सालाना औसतन 1.01 लाख रुपये मजदूरी पर खर्च होते हैं। यही वजह है कि अन्य राज्यों के मजदूर बड़ी संख्या में काम के लिए पंजाब का रुख करते हैं।