Edited By Vatika,Updated: 31 Mar, 2026 04:33 PM

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने पंजाब की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर गहरी चिंता..
चंडीगढ़: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने पंजाब की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार के तहत अराजकता का माहौल बन चुका है। होशियारपुर के नूरपुर जट्टां में संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है, जो यह दर्शाती है कि महापुरुषों के सम्मान की रक्षा तक सरकार नहीं कर पा रही है।
भाजपा नेता ने कहा कि यह कोई एकल घटना नहीं है, बल्कि पिछले कुछ समय से राज्य में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल हो चुकी है। जब संविधान और उसके निर्माताओं के सम्मान पर ही हमला हो रहा हो, तो यह शासन व्यवस्था की गंभीर विफलता का संकेत है। अमृतसर के भिंडी सैदां पुलिस स्टेशन के बाहर हुए ताजा धमाके का उल्लेख करते हुए चुघ ने कहा कि यह घटना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। पिछले डेढ़ साल में पुलिस थानों को निशाना बनाने की घटनाओं की श्रृंखला यह दर्शाती है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और सरकार पूरी तरह निष्क्रिय बनी हुई है।
जब पुलिस थाने ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में गैंगस्टर, नशा माफिया और असामाजिक तत्व बिना किसी भय के सक्रिय हैं, जबकि सरकार मूक दर्शक बनी हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से इन हालातों पर जवाब मांगा और कहा कि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके साथ ही चुघ ने केंद्र सरकार द्वारा पंजाब की मंडियों से गेहूं के त्वरित उठान के लिए 860 विशेष ट्रेनों की व्यवस्था किए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि 22 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं के उठान का यह निर्णय किसानों के हित में एक बड़ा और सराहनीय कदम है, जिससे भंडारण संकट से राहत मिलेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि एक ओर जहां केंद्र की प्रधानमंत्री मोदी की सरकार किसानों के हित में सक्रिय भूमिका निभा रही है, वहीं राज्य सरकार की लापरवाही बार-बार सामने आ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि हर साल फसल के समय अव्यवस्था क्यों देखने को मिलती है और मान सरकार समय रहते उचित प्रबंधन क्यों नहीं कर पाती। पंजाब के लोगों और किसानों को अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीन पर परिणाम चाहिए।