Edited By Kamini,Updated: 04 Jul, 2026 01:34 PM

श्री दरबार साहिब (गोल्डन टेंपल) में शनिवार को उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत पंजाब के अलग-अलग जिलों से पहुंचे श्रद्धालुओं के गले से पहचान पत्र उतरवाए गए।
पंजाब डेस्क: श्री दरबार साहिब (गोल्डन टेंपल) में शनिवार को उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत पंजाब के अलग-अलग जिलों से पहुंचे श्रद्धालुओं के गले से पहचान पत्र उतरवाए गए। दरअसल, श्री दरबार साहिब पहुंचे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की तस्वीर वाले पहचान पत्र पहने थे।
बताया जा रहा है कि, जैसे ही श्रद्धालु गुरुद्वारा परिसर में पहुंचे तो वहां पर मौजूद सेवादारों ने इन पहचान पत्रों पर आपत्ति जताई। इस दौरान सेवादारों ने श्रद्धालुओं से पहचान पत्र हटाने के लिए कहा। इस दौरान मौजूद सेवादारों का कहना था कि श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान को पंथ दोखी घोषित किया गया है। इसी के चलते मुख्यमंत्री की तस्वीर वाले कार्ड पहनकर गुरु घर में प्रवेश उचित नहीं है।
इसके बाद श्रद्धालुओं ने अपने गले में पहने पहचान पत्र उतार दिए। हालांकि, तीर्थ यात्रा में शामिल लोगों का कहना था कि ये कार्ड उन्हें सरकारी प्रबंध के तहत उपलब्ध कराए गए थे और उनका मकसद केवल श्री दरबार साहिब में नतमस्तक होकर दर्शन करना था। फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बन गया और श्रद्धालुओं व सेवादारों के बीच कुछ समय तक बहस भी देखने को मिली।
पढ़े पूरा मामला
आपको बता दें कि, 15 जून को श्री अकाल तख्त साहिब जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने श्री दरबार साहिब स्थित अकाल तख्त साचिवालय की फसील में फैसला सुनाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को पंथ दोषी (दोखी) और गुरु विरोधी घोषित किया। एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें सीएम मान ने हाथ में शराब का गिलास पकड़ा हुआ था और वह सिख गुरुओं और सिख धर्म से जुड़ी अन्य हस्तियों के चित्रों के सामने खड़े होकर गिलास से शराब के छींटे उन पवित्र चित्रों पर गिरा रहे है। इस मामले को लेकर अकाली दल और अन्य धार्मिक सिख संगठनों ने इसे सिखों की मर्यादा का उल्लंघन करते हुए इसे बेअदबी बताया।
इस वायरल हो रही वीडियो को आम आदमी पार्टी ने खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से AI- जनरेटेड और डीपफेक बताया और कहा कि, सीएम मान की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। इसके बाद अकाली दल द्वारा इस वीडियो की जांच करने की मांग उठाई गई। इसके बाद अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने इसे केंद्रीय फोरेंसिक प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट का हवाला देते हुए इसे असली बताया और सीएम मान को गुरु द्रोही और पंथ विरोधी करार दिया। इसके साथ जत्थेदार ने सिख संगत से उनका सामाजिक बहिष्कार करने की अपील की। इसके बाद फिर आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इसे फर्जी वीडियो बताया और कहा कि, सीएम मान की वीडियो में सीएम मान की कोई हमशक्ल है।
हरियाणा पुलिस की जांच में दावा किया और आम आदमी पार्टी के मंत्रियों द्वारा पेश की गई फोरेंसिक रिपोर्ट और प्रयोगशाला दोनों को फर्जी बताया। इस वीडियों पर श्री अकाली तख्त साहिब ने कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब सरकार के सभी सिख मंत्रियों और विधायकों को तलब किया। इसके बाद 29 जून 2026 मुख्यमंत्री भगवंत मान, उनके कैबिनेट मंत्री और विधायक अमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश हुए और धार्मिक मर्यादा के तहत अपना लिखित पक्ष सौंपा।
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