Edited By Kalash,Updated: 30 Jun, 2026 03:22 PM

गर्मी के इस प्रकोप के दौरान अमृतसर की चाटीविंड नहर के आसपास सुरक्षा प्रबंधों की कमी के कारण यह नहर इलाके के युवाओं और बच्चों के लिए ‘मौत का काल’ साबित हो रही है।
अमृतसर (रमन): गर्मी के इस प्रकोप के दौरान अमृतसर की चाटीविंड नहर के आसपास सुरक्षा प्रबंधों की कमी के कारण यह नहर इलाके के युवाओं और बच्चों के लिए ‘मौत का काल’ साबित हो रही है। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए रोजाना बड़ी संख्या में युवा और बच्चे नहर के तेज बहाव में नहाने के लिए पहुंच रहे हैं, जो कि किसी बड़े हादसे को सीधा आमंत्रण है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी अमृतसर के आसपास की नहरों में कई हादसे हो चुके हैं जहां माता-पिता के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए। इसके बावजूद युवाओं की टोलियां बनाकर यहां नहाने आती हैं और खतरनाक स्टंट करती हैं। इसके कारण सिर्फ गंदगी या प्रदूषण ही नहीं बल्कि वे खतरनाक हालात हैं जिनमें हर रोज मासूम बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर नहर में नहाने के लिए उतर रहे हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह खतरनाक खेल थाना सुल्तानविंड के बिल्कुल नजदीक चल रहा है लेकिन इसके बावजूद न तो कोई सुरक्षा प्रबंध नजर आ रहे हैं और न ही प्रशासन द्वारा कोई सख्त कार्रवाई की जा रही है।
तेज बहाव और गहरा पानी बन रहा ‘काल’
स्थानीय लोगों के मुताबिक हर रोज दोपहर और शाम के समय दर्जनों बच्चे तपती गर्मी से राहत पाने के लिए नहर पर पहुंचते हैं। कई बच्चे नहर के ऊंचे किनारों से खतरनाक स्टंट करते हैं जबकि कुछ गहरे पानी में तैरते नजर आते हैं। इलाका निवासियों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नहर का बहाव काफी तेज है। यदि कोई बच्चा पानी के तेज बहाव में फंस जाए तो उसकी जान बचाना मुश्किल हो जाएगा। लोगों का कहना है कि इससे पहले भी कई बार नहर में डूबने के कारण कई घरों के चिराग बुझ चुके हैं लेकिन प्रशासन ने कोई सबक नहीं सीखा। नहर के आसपास न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही कोई सुरक्षा जाल या रेलिंग बनाई गई है। बच्चों को रोकने के लिए मौके पर कोई पुलिस कर्मचारी भी तैनात नहीं होता जबकि नहर के बिल्कुल पास थाना सुल्तानविंड स्थित है।
घर से चुपचाप निकलते हैं बच्चे, माता-पिता की बढ़ी चिंता
गरीब परिवारों के बच्चों के लिए यह नहर ही एक ‘स्विमिंग पूल’ बन चुकी है। परिवारों को हर समय किसी अनहोनी का डर सताता रहता है। कई बच्चे घर में बिना बताए नहर में नहाने आ जाते हैं। ऐसी स्थिति में यदि कोई हादसा हो जाए तो न तो माता-पिता को समय पर जानकारी मिल सकती है और न ही मौके पर मौजूद लोग बच्चे की पहचान करके परिवार से तुरंत संपर्क कर सकते हैं।
सिर्फ डूबने का खतरा ही नहीं, त्वचा और अन्य भयानक बीमारियों का भी बड़ा हमला!
इलाके के एक बुजुर्ग ने बताया कि नहर का पानी बेहद गंदा है। इसमें कूड़ा-कचरा और गंदगी तैरती रहती है। इस पानी में नहाने से बच्चों में त्वचा और अन्य भयानक बीमारियां फैलने का भी बड़ा खतरा बना हुआ है। नहर के पानी में नहाना न केवल जानलेवा साबित हो रहा है बल्कि यह बच्चों के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहा है। विशेषज्ञ डॉक्टरों के मुताबिक नहरों का पानी साफ नहीं होता और इसमें कई तरह के कैमिकल, गंदगी और बैक्टीरिया होते हैं। नहर के गंदे पानी में लगातार नहाने से बच्चों में खुजली, एलर्जी, फंगल इन्फेक्शन और त्वचा पर लाल चकत्ते (रैशेज) पड़ने जैसी गंभीर समस्याएं देखने को मिल रही हैं। इसके अलावा नहाते समय यह पानी मुंह के रास्ते पेट में जाने से उल्टी, दस्त और पेट की अन्य भयानक बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इससे आंखों में इन्फेक्शन होने का भी डर बना रहता है।
माता-पिता की भी बराबर की जिम्मेदारी
सामाजिक संस्थाओं का मानना है कि जहां प्रशासन लापरवाह है वहीं माता-पिता की भी बराबर की जिम्मेदारी बनती है। माता-पिता को अपने बच्चों की गतिविधियों पर तीखी नजर रखनी चाहिए और उन्हें नहर की तरफ जाने से सख्ती से रोकना चाहिए। बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? यदि समय रहते सावधानी न बरती गई तो आने वाले दिनों में कई घरों के चिराग बुझ सकते हैं, इसलिए प्रशासन को जल्द ही नींद से जागकर ठोस कदम उठाने होंगे।
क्यों बन रही है नहर खतरनाक?
कोई सुरक्षा घेरा नहीं: नहर के किनारों पर कोई जाली या सुरक्षा दीवार नहीं है, जिसके कारण कोई भी आसानी से पानी के नजदीक चला जाता है।
चेतावनी बोर्डों की कमी: प्रशासन द्वारा नहर के खतरनाक प्वाइंट्स पर नहाने की मनाही के कोई पुख्ता बोर्ड नहीं लगाए गए हैं।
- पानी का तेज बहाव और गहराई: ऊपर से शांत दिखने वाली इस नहर के अंदर पानी का बहाव बहुत तेज है और गहराई ज्यादा होने के कारण तैरना जानने वाले युवा भी इसका शिकार हो जाते हैं।
प्रशासन और पुलिस के आगे बड़े सवाल
- क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
- नहर के किनारों पर पुलिस की गश्त क्यों नहीं बढ़ाई जा रही?
- नहर में नहाने वालों पर सख्ती से कानूनी रोक क्यों नहीं लगाई जा रही?
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