पनीर और घी में मिलावट का बड़ा खुलासा, दूध उत्पादों की रिपोर्ट ने उड़ाए होश

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 12 Apr, 2026 09:39 PM

major revelation regarding adulteration in paneer and ghee

स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में मिल्क प्रोडक्ट के लिए गए 1220 सैंपलों में से 211 सैंपल फेल हुए हैं। इनमें 71 सैंपल सिर्फ पनीर के हैं, जबकि 27 सैंपल देसी घी के हैं। जिले में मिल्क प्रोडक्ट की क्या हालत है, यह इसकी रिपोर्ट साफ बयां करती है।

लुधियाना  (सहगल): स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में मिल्क प्रोडक्ट के लिए गए 1220 सैंपलों में से 211 सैंपल फेल हुए हैं। इनमें 71 सैंपल सिर्फ पनीर के हैं, जबकि 27 सैंपल देसी घी के हैं। जिले में मिल्क प्रोडक्ट की क्या हालत है, यह इसकी रिपोर्ट साफ बयां करती है। पिछले वर्षों से स्वास्थ्य विभाग द्वारा काफी कम सैंपलिंग की गई है। जहां पहले जिले में हर महीने फूड सेफ्टी कमिश्नर द्वारा लगभग ढाई सौ सैंपल लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, उसे सीमित करते हुए 50 से 60 सैंपलों के बीच में फिक्स कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई रिपोर्ट में लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि वह जिन दूध और दूध से बने हुए पदार्थ का सेवन कर रहे हैं, वह सही भी है या नहीं। ऐसे में फूड कमिश्नर द्वारा सैंपलों की संख्या बढ़ाने की बजाय उसे लगभग पांच गुना कम कर दिया है। इस पर फूड विंग की टीमों ने तो और भी कमाल कर दिया किसी किसी महीने में सैंपलिंग इतनी कम की कि वह अपने टारगेट को छू नहीं पाई। उदाहरण के तौर पर मार्च 2024 में 6 सैंपल भरें गए जबकि मई  में 13, जून में 21, जुलाई में 22 तथा अगस्त में सिर्फ 9 सैंपल लिए गए। 

क्या कहते हैं अधिकारी

जिला सेहत विभाग की ओर से मिल्क प्रोडक्टस की सैंपलिंग पर ध्यान दिया जा रहा है। जांच में जो भी सैंपल फेल पाए जाते हैं, उन पर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
   

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