Ludhiana : कैसे रुकेंगे सड़क हादसे, 2 माह से ड्रंकन ड्राइविंग के चालान बंद

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 23 Jul, 2026 08:10 PM

ludhiana drunken driving challans suspended for two months

शहर में यातायात व्यवस्था सुचारू ढंग से चलाने और रोड सेफ्टी को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिम्मेदार ट्रैफिक पुलिस द्वारा पिछले करीब 2 माह से ड्रंकन ड्राइविंग के चालान बंद कर दिए गए है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह सामने आ रहा है कि शराब का सेवन कर...

लुधियाना,  (सुरिंद्र सन्नी): शहर में यातायात व्यवस्था सुचारू ढंग से चलाने और रोड सेफ्टी को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिम्मेदार ट्रैफिक पुलिस द्वारा पिछले करीब 2 माह से ड्रंकन ड्राइविंग के चालान बंद कर दिए गए है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह सामने आ रहा है कि शराब का सेवन कर वाहन चलाने वाले लोगों को खुला छोड़ देने से हादसों पर कैसे लगाम लगेगी। हालांकि अधिकारी इसके पीछे तकनीकी समस्या बता रहे हैं।

बता दे कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा इससे पहले रोजाना ही 3 से 4  स्थानों पर विशेष तौर पर नाकाबंदी कर पियक्कड़ वाहन चालकों की धरपकड़ की जा रही थी। इन नाकों पर एल्कोमीटर की सहायता से वाहन चालकों के अल्कोहल टेस्ट की जांच कर टेस्ट पॉजीटिव आने पर चालकों का डंकन ड्राइविंग के जुर्म में चालान किया जाता रहा है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा किए जाने वाले रोजाना के चालानों की संख्या 35 से 40 रही। 
लेकिन पिछले करीब 2 माह से सॉफ्टवेयर अपडेट की बात बोलकर ड्रंकन ड्राइविंग के चालान बंद कर दिए गए है। अपग्रेडेशन के दौरान ट्रैफिक पुलिस की ई-चालान मशीने कुछ दिनों के लिए पूर्ण रूप से भी बंद रही थी। हालांकि बाद में यह मशीन अपडेट होकर शुरू तो कर दी गई लेकिन ड्रंकन ड्राइविंग के चालान शुरू करने पर संशय बरकरार रहा। 

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ई-चालान मशीनों में से ड्रंकन ड्राइविंग का जुर्म हटा दिया गया है लेकिन इसकी पुष्टि किसी अधिकारी ने नहीं की। वहींi स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि ई-चालान मशीनों की अपडेशन और किसी जुर्म को हटाना या जोड़ना हेडक्वार्टर के स्तर का मामला है, वह इस पर कोई भी टिप्पणी नहीं कर सकते।
 
लुधियाना में हादसों के दौरान मृत्यु दर अधिक 

बात हादसों की करें तो 2024 में 483 सड़क हादसों के दौरान 376 लोगों की जान चली गई, जबकि 2023 में 504 सड़क हादसे दर्ज किए गए जिनमें 402 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। आंकड़ों में लुधियाना को भारत के उन शहरों में शामिल किया गया है जहां सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर सबसे अधिक है। ऐसे में पियक्कड़ चालकों के चालान न करना हादसों में बढ़ोतरी कर सकता है।

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