Edited By Vatika,Updated: 28 Sep, 2026 09:25 AM

सकुशल व सुरक्षित रेस्क्यू कर उसके रोते-बिलखते माता-पिता की गोद में वापस सौंप दिया है।
लुधियाना(राज): थाना हैबोवाल के अंतर्गत आते चंद्र नगर इलाके से रविवार शाम 4 महीने के दूधमुंहे मासूम आर्यन के दिनदहाड़े हुए सनसनीखेज अपहरण मामले को कमिश्नरेट पुलिस ने अपनी मुस्तैदी और बेहतरीन रणनीति के दम पर महज 5 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने मासूम आर्यन को सकुशल व सुरक्षित रेस्क्यू कर उसके रोते-बिलखते माता-पिता की गोद में वापस सौंप दिया है। वहीं, इस मामले की कड़ियां जुड़ने के बाद जो खौफनाक सच सामने आया, उसने हर किसी को हक्का-बक्का कर दिया है। बच्चे का अपहरण किसी बाहरी गिरोह ने नहीं, बल्कि उसकी अपनी सगी बुआ ने अपने एक साथी के साथ मिलकर किया था। पुलिस ने शातिर बुआ ममता और उसके सहयोगी विवेक को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
मास्क लगाकर आए थे आरोपी, पिता के बयानों पर तुरंत दर्ज हुई एफआईआर
जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब 6:00 बजे हैबोवाल पुलिस को सूचना मिली थी कि चंद्र नगर इलाके में दुकान पर सामान लेने गई नाबालिग बच्ची की गोद से बाइक सवार एक पुरुष और महिला 4 महीने के बच्चे आर्यन को जबरन छीनकर फरार हो गए हैं। सूचना मिलते ही थाना हैबोवाल की पुलिस और उच्चाधिकारी तुरंत भारी जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पीड़ित पिता आलोक ने पुलिस को बताया कि मुंह पर मास्क लगाए एक महिला और पुरुष ने खुद को परिचित बताते हुए झांसा दिया और झटके से उनके मासूम बेटे को छीनकर भाग निकले। मामले की अत्यधिक संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने बिना एक पल गंवाए थाना हैबोवाल में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत एफआईआर नंबर 259 दर्ज कर चारों तरफ नाकाबंदी करवा दी।
टेक्निकल सर्विलांस और मुखबिरों का जाल: 5 घंटे में किडनैपर्स तक पहुंची पुलिस
मासूम की जान को खतरे में देखते हुए पुलिस कमिश्नरेट की टीमों ने फौरन साइंटिफिक और टेक्निकल टूल्स को सक्रिय किया। इलाके के तमाम सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के रूट को ट्रैक करने के साथ-साथ मोबाइल टावर डंप डाटा और ह्यूमन सोर्स (मुखबिर तंत्र) को पूरी तरह एक्टिव कर दिया गया। पुलिस की पेशेवर कार्यशैली का ही नतीजा रहा कि वारदात के महज 5 घंटे के भीतर पुलिस टीमों ने किडनैपर्स की सटीक लोकेशन ट्रेस कर ली और घेराबंदी कर बच्चे को बिना किसी नुकसान के सकुशल बरामद कर लिया।
सगी बुआ निकली अपहरणकर्ता, सच जानकर सन्न रह गया परिवार
जब पुलिस ने मौके से पकड़े गए आरोपियों के चेहरों से मास्क हटवाए, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मी और पीड़ित परिवार के लोग दंग रह गए।।वारदात को अंजाम देने वाली मुख्य महिला कोई और नहीं, बल्कि बच्चे के पिता आलोक की सगी बहन यानी मासूम आर्यन की अपनी बुआ ममता निकली। ममता ने अपने साथी विवेक के साथ मिलकर इस पूरे अपहरण कांड की साजिश रची थी और बाइक पर सवार होकर खुद ही भतीजे को छीनकर भागी थी। जिस बुआ की गोद में मासूम खेलता था, उसी के हाथों इस घिनौने षड्यंत्र का शिकार होने की खबर से पूरा परिवार स्तब्ध है।
आरोपी बुआ और साथी गिरफ्तार, साजिश के मकसद की पड़ताल में जुटी पुलिस
थाना हैबोवाल पुलिस ने आरोपी बुआ ममता और उसके साथी विवेक को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है। जांच अधिकारी ने बताया कि पुलिस दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी। पुलिस अब इस पहलू पर गहराई से जांच कर रही है कि आखिर सगी बुआ ने अपने ही मासूम भतीजे को अगवा क्यों किया—क्या इसके पीछे कोई पारिवारिक रंजिश थी, बच्चे को बेचने की कोई साजिश थी, पैसों की कोई डिमांड करनी थी या फिर कोई अन्य गुप्त विवाद। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर पूरी साजिश की तह तक पहुंचा जाएगा।