कैबिनेट मंत्री के क्षेत्र में अवैध खनन का बोलबाला, सरकार को लगाया जा रहा करोड़ों का चूना

Edited By Sunita sarangal,Updated: 04 May, 2026 03:16 PM

illegal mining in nurpurbedi

जनरेटर से चलने वाले क्रशर कितना माल निकालते हैं, इसकी कोई सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है

नूरपुरबेदी(कुलदीप): नंगल तहसील के पहाड़ी इलाके में स्थित खेड़ा कलमोट (नानगरां) गांव में अवैध खनन और नियमों-कानूनों की धज्जियां उड़ाने की खबरें सामने आई हैं। मिली जानकारी के अनुसार इस इलाके में जनरेटर की मदद से क्रशर चलाकर पंजाब सरकार के खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया जा रहा है। हालांकि, यहां कुछ क्रशर बिजली कनेक्शन से भी चलते हैं, लेकिन कई क्रशर मालिक जनरेटर का इस्तेमाल करते हैं, जिसकी मदद से पंजाब पावरकॉम को चूना लगाया जाता है और सरकारी टैक्स की चोरी भी की जाती है।

जनरेटर से चल रहे क्रशर

जनरेटर से चलने वाले क्रशर कितना माल निकालते हैं, इसकी कोई सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है; जबकि बिजली से चलने वाले क्रशर का डेटा खनन विभाग के पास होता है, जिससे हर क्रशर की रियालटी तैय की जाती है। बनता पैसा संबंधित क्रशर मालिक द्वारा सरकार के खजाने में जमा करवाया जाता है। जानकारी के मुताबिक, हर क्रशर का बिजली बिल करीब 10 से 15 लाख रुपए आता है, जिसके आधार पर यह डेटा दर्ज होता है कि उस क्रशर ने कितने क्यूबिक मीटर माल का उत्पादन किया है। लेकिन मिली जानकारी के अनुसार, इन गांवों में कई क्रशर सरकार को धोखा देने के लिए जनरेटर से चलाए जाते हैं। हालांकि, जनरेटर से चलने वाले ये क्रशर आम लोगों को तो साफ दिखाई देते हैं, लेकिन संबंधित विभागों को ये नजर नहीं आते।

बिना दस्तावेजों के क्रशर कर रहे अवैध खनन

इसके अलावा, नया क्रशर लगाने के लिए राजस्व विभाग से सी.एल.यू. लेना और विभिन्न विभागों जैसे पुड्डा, वन, कृषि, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आदि से 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' (एन.ओ.सी.) लेना अनिवार्य होता है। जबकि यहां चल रहे कई क्रशरों के पास इनमें से कोई भी दस्तावेज़ मौजूद नहीं है। आखिर, यह क्रशर किसकी शह पर चलाए जा रहे हैं? खनन विभाग इन अवैध क्रशरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता। जिससे यह साफ जाहिर होता है कि ये क्रशर विभाग की मिलीभगत के बिना नहीं चल सकते।

सूरज ढलते ही छलकते हैं जाम

कुछ लोगों ने बताया कि खनन विभाग के कई अधिकारी इन क्रशरों पर सूरज ढलने के बाद जाम छलकाने के लिए वहां पहुंचते हैं। इलाके के लोगों के बीच यह आम चर्चा है कि ये क्रशर मालिक पहले अवैध रूप से पहाड़ियों की खुदाई करते हैं, फिर अवैध खनन करते हैं, और उसके बाद बिजली का कनेक्शन लिए बिना जनरेटर का इस्तेमाल करते हैं। आखिर किसकी शह पर वे सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगा रहे हैं?

मौजूदा शिक्षा मंत्री के क्षेत्र में चल रहा अवैध खनन

यह बताना जरूरी है कि यह काम पंजाब के मौजूदा शिक्षा मंत्री और पूर्व खनन मंत्री हरजोत सिंह बैंस के निर्वाचन क्षेत्र में चल रहा है। इस संबंध में जब खनन विभाग के एक्सियन से संपर्क किया गया, तो उन्होंने इस बारे में अनभिज्ञता जाहिर की और कहा कि अगर ऐसा हो रहा है, तो गलत हो रहा है। इसकी जांच की जाएगी और जनरेटर से क्रशर चलाने वालों के खिलाफ मामले दर्ज किया जाएगा।

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