Edited By Subhash Kapoor,Updated: 01 May, 2026 09:48 PM

बठिंडा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच विजिलेंस ब्यूरो ने पुलिस विभाग के एक सहायक उपनिरीक्षक के खिलाफ घूस मांगने का मामला दर्ज किया है। सीआईए स्टाफ-1 में तैनात सहायक उपनिरीक्षक मनजिंदर सिंह पर आरोप है कि उसने एक कारोबारी को नकली सामान...
बठिंडा, (विजय वर्मा) : बठिंडा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच विजिलेंस ब्यूरो ने पुलिस विभाग के एक सहायक उपनिरीक्षक के खिलाफ घूस मांगने का मामला दर्ज किया है। सीआईए स्टाफ-1 में तैनात सहायक उपनिरीक्षक मनजिंदर सिंह पर आरोप है कि उसने एक कारोबारी को नकली सामान बेचने के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपये की रिश्वत मांगी।
अग्रवाल कॉलोनी निवासी और प्रसाधन सामग्री के थोक कारोबारी दुशांत बांसल ने विजिलेंस को दी शिकायत में बताया कि 22 अप्रैल की सुबह सहायक उपनिरीक्षक मनजिंदर सिंह अपने साथियों के साथ उसके साझेदार रूपेश गुप्ता के घर पहुंचा। तलाशी के दौरान पुलिस टीम ने नकली सामान बेचने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी।
शिकायत के मुताबिक सहायक उपनिरीक्षक ने मामला दबाने के बदले पहले 5 लाख रुपये मांगे। बाद में सौदेबाजी के बाद रकम 2.25 लाख रुपये तय हुई। कारोबारी ने घूस देने के बजाय आरोपी की कॉल और व्हाट्सएप बातचीत रिकॉर्ड करनी शुरू कर दी। आरोप है कि 23 अप्रैल को सहायक उपनिरीक्षक कारोबारी को कार में बैठाकर फिर पैसों के लिए दबाव बनाता रहा, जिसकी रिकॉर्डिंग भी शिकायतकर्ता ने कर ली। इसके बाद कारोबारी ने पूरे सबूतों सहित राज्य की भ्रष्टाचार निरोधक हेल्पलाइन पर शिकायत भेज दी।
विजिलेंस ब्यूरो ने जांच के दौरान रिकॉर्डिंग और अन्य सबूतों को सही पाया। जांच पूरी होने के बाद 30 अप्रैल की रात सहायक उपनिरीक्षक मनजिंदर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। मामले की आगे जांच जारी है।