नवांशहर में अवैध खनन पर हाईकोर्ट सख्त, आदेशों का पालन न होने पर DC को किया तलब

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 24 Apr, 2026 07:06 PM

high court takes strict stance on illegal mining in nawanshahr

सतलुज दरिया से गाद निकालने के नाम पर हो रहे अवैध खनन को रोकने के लिए क्षेत्र के कुछ गांवों के लोगों द्वारा किया जा रहा संघर्ष अब जोर पकड़ने लगा है।

नवांशहर (ब्रह्मपुरी):- सतलुज दरिया से गाद निकालने के नाम पर हो रहे अवैध खनन को रोकने के लिए क्षेत्र के कुछ गांवों के लोगों द्वारा किया जा रहा संघर्ष अब जोर पकड़ने लगा है। सैदपुर कलां, कनौन, फूल मकोड़ी, बहिलूर कलां और बहिलूर खुर्द आदि गांवों के कश्मीर सिंह, मीना रानी, ​​अजीत सिंह सैदपुर, बलदेव राज, चंद दीप सिंह, संदेश रानी, ​​शिंगारा सिंह नियामतपुर, मनदीप सिंह और हरदियाल सिंह ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में केस दायर कर बताया कि क्षेत्र के कई गांवों में सतलुज दरिया से गाद निकालने के नाम पर अवैध खनन हो रहा है। जेसीबी, टिपर और भारी ट्रक दरिया के बांध से गुजरते हैं, जिससे लोगों की जान को खतरा हो सकता है। इस संबंध में 07 दिसंबर 2025 को इलाके के लोगों ने यह सब देखकर प्रशासन को इसकी सूचना दी। 21 दिसंबर 2025 को ग्राम बहिलूर कलां के ग्राम गाभा ने एक प्रस्ताव पारित किया कि "जिसका खेत उसकी रेत" नीति का दुरुपयोग किया जा रहा है।

इस संबंध में क्षेत्र के प्रमुख लोगों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन भी दिया। यहां यह बताने योग्य है कि लोगों के इस संघर्ष का नेतृत्व बरजिंदर सिंह हुसैनपुर ने किया था और उन्होंने खुद मौके पर जाकर जो स्थिति देखी, उसके संबंध में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।

इस संबंध में पंजाब के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव (खनन), प्रधान सचिव जल संसाधन विभाग के अलावा शहीद भगत सिंह नगर जिले के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजे गए हैं। इन पत्रों पर कोई कार्रवाई न होने पर लोगों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 07 अप्रैल 2026 को हाईकोर्ट ने सरकार से इस मामले में अगली तारीख पर अवैध खनन के आरोपों की जानकारी देने को कहा था। 23 अप्रैल 2026 को कोर्ट ने राज्य को एक और मौका दिया और कहा कि उसके 07 अप्रैल के आदेश का पालन किया जाए अन्यथा शहीद भगत सिंह नगर जिले के डिप्टी कमिश्नर अगली तारीख 19 मई 2026 को सभी रिकॉर्ड के साथ कोर्ट में उपस्थित हों।

यहां उल्लेखनीय है कि अवैध खनन के कारण ओवरलोडेड टिप्पर न केवल सतलुज दरिया के बांध को नुकसान पहुंचा सकते हैं, बल्कि भारी वाहनों 'असुरक्षित' घोषित राहों-माछीवाड़ा को जोड़ने वाले पुल पर भी कोई दुर्घटना सकती है।

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