वकीलों की हड़ताल से अदालतों में कामकाज ठप्प, वकील पर हमले के मामले में पुलिस ने लिया एक्शन

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 23 Oct, 2026 08:02 PM

court operations brought to a standstill by lawyers strike

अधिवक्ता मनीष कुमार से जुड़े मारपीट के मामले में पुलिस की कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को लुधियाना जिला अदालतों में वकीलों की पूर्ण हड़ताल रही। जिला बार एसोसिएशन (डीबीए) के आह्वान पर हुई इस हड़ताल के चलते न्यायिक कामकाज लगभग पूरी तरह ठप रहा और...

लुधियाना  (मेहरा) : अधिवक्ता मनीष कुमार से जुड़े मारपीट के मामले में पुलिस की कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को लुधियाना जिला अदालतों में वकीलों की पूर्ण हड़ताल रही। जिला बार एसोसिएशन (डीबीए) के आह्वान पर हुई इस हड़ताल के चलते न्यायिक कामकाज लगभग पूरी तरह ठप रहा और अदालतों में दिनभर कामकाज प्रभावित हुआ।

इस बीच, शुक्रवार शाम को मामले में महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया, जब हैबोवाल पुलिस ने विकास के बयान और उसकी मेडिकल-लीगल रिपोर्ट (एमएलआर) के आधार पर अधिवक्ता के कथित विरोधियों के खिलाफ क्रॉस केस दर्ज किया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 115(2), 126(2), 351(2), 190(3) और 190 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में कृतिका वर्मा, विपिन कुमार वर्मा, रेनू वर्मा, विपुल वर्मा तथा तीन से चार अज्ञात व्यक्तियों के नाम शामिल बताए गए हैं।

डीबीए अध्यक्ष विपिन सग्गड़, उपाध्यक्ष अनिल सग्गड़ और वित्त सचिव कोणार्क शर्मा ने क्रॉस केस दर्ज होने को वकीलों की एकजुटता की जीत करार दिया। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन अपने साथी अधिवक्ता के समर्थन में मजबूती से खड़ी रही और पुलिस से उनका पक्ष दर्ज कर कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की।

डीबीए के अनुसार, अधिवक्ता मनीष कुमार पर कथित तौर पर कई व्यक्तियों ने लोहे की रॉड और डंडों से हमला किया था। इस घटना में उनके दोनों पैरों में फ्रैक्चर और सिर पर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

एसोसिएशन ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने अधिवक्ता के पक्ष पर पर्याप्त विचार किए बिना उनके खिलाफ अपहरण के आरोप में मामला दर्ज कर लिया। डीबीए ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए क्रॉस वर्जन दर्ज करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की थी। बार एसोसिएशन की ओर से सदस्यों को जारी नोटिस में सभी वकीलों से अपने साथी के समर्थन में एकजुट रहने की अपील की गई थी। एसोसिएशन ने कहा था कि कानूनी बिरादरी के सदस्यों की सुरक्षा, गरिमा और आत्मसम्मान की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

शुक्रवार को हुई पूर्ण हड़ताल ने इस मामले को लेकर वकीलों की एकजुटता और रोष को उजागर किया। वहीं, शाम को क्रॉस केस दर्ज होने से विवाद में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। अब मामले की जांच और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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