Edited By Subhash Kapoor,Updated: 27 Oct, 2026 08:06 PM
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जालंधर जोनल कार्यालय ने डंकी रूट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली के टिकटिंग एजेंट तरुण खोसला को गिरफ्तार किया है। ED ने उसे 23 अक्तूबर 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया। अदालत...
जालंधर: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जालंधर जोनल कार्यालय ने डंकी रूट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली के टिकटिंग एजेंट तरुण खोसला को गिरफ्तार किया है। ED ने उसे 23 अक्तूबर 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया। अदालत ने आरोपी को 30 अक्तूबर तक ED की हिरासत में भेज दिया है।
यह मामला फरवरी 2025 में अमेरिका से निर्वासित किए गए 300 से अधिक भारतीय नागरिकों से जुड़ा है। जांच के अनुसार, इन लोगों ने मेक्सिको सीमा के रास्ते अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश किया था। पंजाब और हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज विभिन्न FIR के आधार पर ED ने मामले की जांच शुरू की थी।
ED की जांच में सामने आया कि अमेरिका जाने के इच्छुक लोगों को एजेंटों और बिचौलियों ने कानूनी तरीके से विदेश भेजने का भरोसा दिलाया था। हालांकि, कथित तौर पर उन्हें दक्षिण और मध्य अमेरिका के कई देशों से होते हुए खतरनाक रास्तों के जरिए अवैध रूप से अमेरिका की सीमा तक पहुंचाया गया। इस प्रक्रिया के लिए प्रत्येक व्यक्ति से लगभग 30 लाख से 60 लाख रुपये तक वसूले जाने की बात सामने आई है।
पहले भी हो चुकी हैं छापेमारी, 5.41 करोड़ की संपत्तियां अटैच
ED ने इस मामले में 9 और 11 जुलाई 2025 को 19 स्थानों पर तलाशी ली थी। इस दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, रिकॉर्ड, डिजिटल उपकरण और निकारागुआ तथा इथियोपिया से संबंधित कथित फर्जी इमिग्रेशन और वीजा स्टैंप बरामद किए गए थे। इसके बाद 15 दिसंबर 2025 को एजेंसी ने करीब 5.41 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की थीं। इनमें कृषि भूमि, आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियां तथा बैंक खातों में मौजूद राशि शामिल थी।
ED ने 18 और 19 दिसंबर 2025 को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान तरुण खोसला के परिसरों से 4.62 करोड़ रुपये नकद, लगभग 5.9 किलोग्राम सोने की छड़ें और सिक्के तथा करीब 313 किलोग्राम चांदी की छड़ें जब्त की गई थीं। इनकी कुल कीमत लगभग 19.14 करोड़ रुपये बताई गई थी। इसके अतिरिक्त, अन्य परिसरों से तीसरे पक्ष के 50 से अधिक मूल पासपोर्ट, डायरियां, लेन-देन के रिकॉर्ड, संपत्ति संबंधी दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए थे।
डंकी रूट नेटवर्क में अहम भूमिका निभाने का आरोप
ED के मुताबिक, जांच में तरुण खोसला की डंकी रूट नेटवर्क में अहम भूमिका सामने आई है। आरोप है कि वह पंजाब और हरियाणा के कई एजेंटों से संपर्क में था। ये एजेंट अमेरिका जाने के इच्छुक लोगों से पासपोर्ट और पैसे इकट्ठा कर दिल्ली में उसे सौंपते थे। जांच एजेंसी के अनुसार, तरुण खोसला दक्षिण अमेरिकी देशों जैसे गुयाना, सूरीनाम, इक्वाडोर और अल सल्वाडोर के लिए वीजा तथा हवाई टिकटों की व्यवस्था करता था। इसके बाद लोगों को अवैध और जोखिम भरे रास्तों से अमेरिकी सीमा तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाती थी। ED का आरोप है कि वह इस नेटवर्क में यात्रा के रास्ते और प्रति व्यक्ति वसूली जाने वाली रकम तय करने में भी अहम भूमिका निभाता था।
डंकी रूट मामले में ED की जांच में हुए नए खुलासे
अमेरिका पहुंचाने के लिए तीन अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल
रूट A: हवाई मार्ग से अल सल्वाडोर, फिर सड़क के रास्ते मैक्सिको और उसके बाद तिजुआना के रास्ते अमेरिका में प्रवेश। इस रूट के लिए प्रति व्यक्ति लगभग 35 से 40 लाख रुपये वसूले जाते थे।
रूट B: दुबई या अदीस अबाबा के रास्ते गुयाना पहुंचना। इसके बाद ब्राजील, इक्वाडोर, कोलंबिया, पनामा के जंगलों, ग्वाटेमाला और मैक्सिको से होते हुए तिजुआना के रास्ते अमेरिका पहुंचना। इस रूट के लिए प्रति व्यक्ति लगभग 25 से 30 लाख रुपये लिए जाते थे।
रूट C: निर्वासित एक व्यक्ति द्वारा बताए गए रास्ते के अनुसार, गुयाना, ब्राजील, बोलीविया, पेरू, कोलंबिया, पनामा, कोस्टा रिका, निकारागुआ, होंडुरास, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला और मैक्सिको से होते हुए अमेरिका की सीमा तक पहुंचना।
मोबाइल चैट से सामने आए अहम सबूत
जब्त किए गए मोबाइल फोन से मिले डेटा में आपत्तिजनक चैट सामने आई हैं। इनसे संकेत मिलता है कि तरुण खोसला इमिग्रेशन क्लीयरेंस की व्यवस्था करने वाले एक अहम बिचौलिए के रूप में काम करता था। एक अंतरराष्ट्रीय संपर्क के साथ उसकी बातचीत से विदेशी हवाई अड्डों पर समन्वय, इमिग्रेशन क्लीयरेंस के लिए पैसे जुटाने, टिकटों की व्यवस्था करने, यात्रियों को संभालने और अमेरिकी डॉलर में भुगतान करने की जानकारी सामने आई है।
विदेशों में बैठे एजेंटों से संपर्क का आरोप
ED के अनुसार, तरुण खोसला की मैक्सिको में “माइक” और ब्राजील में “अली” नामक विदेशी एजेंटों के साथ चैट मिली हैं। इसके अलावा, मैक्सिको में “क्रिस्टी” नामक एक अन्य संपर्क के साथ भी बातचीत सामने आई है। आरोप है कि ये संपर्क डंकी रूट के जरिए लोगों को सीमा पार कराने और इससे जुड़े भुगतानों का प्रबंधन करते थे।
414 बैंक लेन-देन में 30.38 करोड़ रुपये जमा होने का खुलासा
जांच के दौरान तरुण खोसला के बैंक खाते में वित्त वर्ष 2022-23 से वित्त वर्ष 2024-25 के बीच 414 नकद जमा लेन-देन के जरिए कुल 30.38 करोड़ रुपये जमा होने की जानकारी सामने आई है।