Edited By Vatika,Updated: 23 Oct, 2026 01:18 PM

पंजाब विधानसभा सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही के दौरान सदन में एसआईआर (SIR) का
चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही के दौरान सदन में एसआईआर (SIR) का मुद्दा उठा। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने एसआईआर के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि देशभर से वोट काटे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
हरपाल चीमा ने आरोप लगाया कि दिल्ली में 40 हजार वोट काटकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अरविंद केजरीवाल को हराने का रास्ता साफ किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करने वाले लोगों को भाजपा निशाना बना रही है। इसलिए सभी को सर्वसम्मति से एसआईआर के खिलाफ प्रस्ताव पारित करना चाहिए।
चीमा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के लिए एक विश्वसनीय जांच तंत्र स्थापित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक उल्लंघन के पुख्ता सबूत सामने आते हैं, तो उसके खिलाफ लागू कानून के अनुसार आपराधिक कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए। फिलहाल, सदन में इस प्रस्ताव को लेकर बहस जारी है। विभिन्न विधायक और मंत्री इस मुद्दे पर अपने-अपने विचार रख रहे हैं।